ये है राष्ट्रपति भवन के किचन की खासियत

देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति महाहिम रामनाथ कोविंद जिस राष्ट्रपति भवन में रहने जा रहे हैं वहां का किचन फाइव स्टार होटल के किचन से कम नहीं है. राष्ट्रपति भवन का किचन स्टेट ऑफ दी आर्ट सुविधाओं से लैस है. एसी से लेकर खाना बनाने के लिए जरूरी सभी आधुनिक मशीनें भी मौजूद हैं. आइए जानते हैं क्यों है यह किचन स्पेशल. क्या खास बनता है यहां.
राष्ट्रपति भवन के किचन में एक्जिक्यूटिव शेफ के साथ ही दर्जनों शेफ, हलवाई और कुक काम करते हैं. इसके अलावा एक स्पेशल टीम होती है जो साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखती है. राष्ट्रपति और मेहमानों को परोसने से पहले खाने की क्वॉलिटी और सेफ्टी एजेंसियों द्वारा चेक की जाती है. यहां होने वाले कार्यक्रम के लिए ऑफिशियल बैन्क्वेट और भोज के लिए इस किचन में खाना बनता है.

– राष्ट्रपति भवन के बेसमेंट में मेन किचन है जबकि ऊपर के फ्लोर्स पर डाइनिंग और बैंक्वेट हॉल हैं.
– मेन किचन के अलावा यहां बेकरी, हलवाई, ट्रेनिंग एरिया, कैफेटेरिया और ग्रोसरी सेक्शन अलग-अलग हैं.
– किचन में करीब 32 लोगों की टीम काम करती है. इसमें एक्जीक्यूटिव शेफ, कुक्स, बेकर्स और हलवाई शामिल हैं.
– यही 32 लोग की टीम राष्ट्रपति द्वारा आयोजित आधिकारिक फंक्शन्स, मीटिंग्स, बैंक्वेट्स, रिसेप्शन और कॉन्फ्रेंस के लिए खाना बनाती है. 
आधिकारिक आयोजनों में परोसे जाने वाले खाने को चेक करने के लिए बाकायदा एजेंसी है.

– आधिकारिक भोज में सूप, वेज और नॉन-वेज डिशेज के साथ स्वीट डिशेज सर्व की जाती हैं. इसके बाद चाय-कॉफी और सबसे आखिर में पान व माउथ फ्रेशनर्स सर्व किए जाते हैं. 

 यहां वो सब चीजें बनती हैं जो राष्ट्रपति को पसंद होती हैं, लेकिन मुर्ग दरबारी, गोश्त यखनी, दाल रायसीना, कोफ्ता आलू बुखारा जैसे कुछ पकवान राष्ट्रपति भवन के किचन के खास पकवानों में से हैं.
– भोज की तैयारी 6 घंटे पहले से होने लगती है. हर कार्यक्रम के लिए अलग से मेन्यू कार्ड प्रिंट होता है. क्रॉकरी में राष्ट्रीय चिंह अंकित होता है.

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