रास्ते से हटने को लेकर विवाद, कार से अपहरण कर दो किमी दूर ले जा किया था चाकू-पत्थर से हमला

इंदौर. बाणगंगा पुलिस ने रविवार को रितिक हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों प्रियांशु उर्फ शुभम शुक्ला, मुनेंद्र तोमर, राजेंद्र राठौर और शुभम रघुवंशी को गिरफ्तार किया है। हत्या में इस्तेमाल की गई कार और चाकू भी बरामद कर लिए हैं।

पुलिस का कहना है कि चारों शराब पार्टी कर कार से लौट रहे थे, तभी रास्ते में रितिक मोबाइल पर बात करते हुए मिला। उसे रास्ते से हटने को कहा तो वह अड़ीबाजी करने लगा। कार में प्रियांशु को देख उसने धमकी दी- ‘आजकल तू बहुत फॉर्म में चल रहा है। तुझे सुबह देख लूंगा’ कहते हुए गालियां देने लगे। इसके बाद चारों ने कार में उसका अपहरण कर बुरी तरह पीटा।

इस बीच रितिक की मां का फोन आया तो आरोपियों ने मोबाइल छीन कर नाले में फेंक दिया। उसे दो किमी दूर ले गए। वहां उसे पीठ पर चाकू घोंपा। जब वह अधमरा हो गया तो सड़क पर फेंक कर पत्थर से सिर कुचल दिया। घटना के बाद आरोपियों ने खून से सने सभी के कपड़े जला दिए और कार छिपा दी।

पूर्व क्षेत्र एसपी अवधेश गोस्वामी के मुताबिक, हत्या कांड के बाद बाणगंगा टीआई इंद्रमणि पटेल ने इलाके के सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो मृतक व आरोपियों के एक स्थान पर मिलने की जानकारी मिली। आरोपी एक सफेद रंग की कार (एमपी 09 सीटी 9059) में थे। फुटेज में कार का आधा नंबर दिखाई दे रहा था।

आधे नंबर पर कई सीरीज की 98 कार चेक कर फुटेज से मिलाई तो कार मालिक मुनेंद्र सिंह तक टीम पहुंची। जैसे ही पुलिस मुनेंद्र तक पहुंची। वह कार में ही छिप गया था। उसे कांच तोड़कर बाहर निकाला गया। इसमें एक पुलिस जवान घायल भी हो गया। इसके बाद अन्य आरोपी भी हाथ लगे। 30 नवंबर को न्यू राम नगर में रहने वाले जमना प्रसाद पांडे के 18 वर्षीय बेटे रितिक पांडे की बजरंगपुरा में सड़क किनारे रक्तरंजित शव मिला था। रितिक दसवीं में पढ़ने के साथ-साथ यशवंत प्लाजा के एक पब में काम करता था।

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