आचार संहिता क्या होती है और क्या है इसके नियम, ये हैं इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

 

Achar Sanhita 2019 Date:राजनीतिक दलों और राजनेताओं को मानने पड़ते हैं आचार संहिता के ये नियम

नई दिल्ली. रविवार शाम को आगामी लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान हुआ और इसी के साथ लागू हो गई आचार संहिता भी। जी हां…चुनावी शेड्यूल के साथ -साथ देश में अब आचार संहिता भी लागू हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आचार संहिता क्या होती है? आचार संहिता क्यों लागू होती है? आचार संहिता के नियम क्या हैं? आचार संहिता कब से कब तक लागू रहेगी? नहीं तो चलिए इन सभी सवालों के जवाब हम आपको दे रहे है।

आचार संहिता क्या होती है?
दरअसल, देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की तरह से कुछ नियम बनाए जाते हैंं और उन्ही नियमों को कहते हैं आचार संहिता। चुनाव के दौरान उन नियमों का पालन करना हर राजनेता की जिम्मेदारी होती है।

कब से लागू हुई आचार संहिता?
आचार संहिता चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है लिहाज़ा रविवार को चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ ही देश में होने वाली लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनज़र आचार संहिता लागू हो गई है।

कब तक लागू रहेगी आचार संहिता?
आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक लागू रहती है। यानि कि चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता देश में लागू हो जाती है और वोटों की गिनती होने तक कि मतगणना तक जारी रहती है। इस बार आम चुनाव की काउंटिंग 23 मई, 2019 को होनी है लिहाज़ा आचार संहिता 10 मार्च से शुरू होकर 23 मई, 2019 तक जारी रहेगी।

आचार संहिता के नियम
आचार संहिता लागू होने के बाद तमाम नियम भी लागू हो जाते हैं जिनक अवहेलनाा कोई भी राजनीतिक दल या राजनेता नहीं कर सकता है।
– सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे कार्य में नहीं होगा जिससे किसी विशेष राजनीतिक दल या राजनेता को फायदा हो।
सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं होगा।
किसी भी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास नहीं होगा।
किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को कोई रैली करनी हो तो उसकी इजाज़त पहले पुलिस से लेनी होगी।
किसी भी रैली में धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।

आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान
आपको बता दें कि आचार संहिता के नियम सख्ती से लागू होते हैं और अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके लिए सज़ा का प्रावधान भी है। इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

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