डेढ़ माह गुजर जाने के बाद भी नही मिला निर्वाचन का मानदेय

 
नरसिहपुर। विधानसभा निर्वाचन को शांति और सुचारू रूप से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाने वाले और आप अपने परिवार और अपने मूल कर्तव्य से 50 घंटे से अधिक दूर रहकर निर्वाचन कार्यों को तयशुदा तरीके से कराने के लिए तैनात अधिकारी कर्मचारियों को चुनाव आयोग द्वारा नियत मानदेय राशि अभी तक अप्राप्त है और बार बार आवेदन और निवेदन करने के उपरांत भी उचित तरीके से सुनवाई नहीं हो रही है।
विधानसभा निर्वाचन ड्यूटी करा कर लौट आए कई कर्मचारियों को डेढ़ माह की अवधि गुजर जाने के बाद भी निर्वाचन ड्यूटी का मानदेय  राशि का भुगतान उनके खातों में नहीं हुआ जबकि ट्रेनिंग के दौरान ही अधिकारियों कर्मचारियों ने बैंक खाता पासबुक की फोटो कॉपी निर्वाचन कार्यालय द्वारा मांगे जाने पर जमा कर दी थी। 
 
निर्वाचन के लिए ड्यूटी में लगाए गए मतदान दलों में शामिल अधिकारी कर्मचारियों को उनके बैंक खाते में चुनाव के दौरान ही मानदेय राशि बैंक खाते में जमा करने का राज्य निर्वाचन आयोग का निर्देश था ,परंतु जिला निर्वाचन कार्यालय त्रुटिपूर्ण कार्यशैली और लापरवाही का दंश जिले में सभी  विभागों के अनेकों कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है और वह कार्यालय के चक्कर लगाकर हार थक चुके है । अन्य कर्मचारियों की तो बात ही छोड़ दे निर्वाचन कार्य में लगाए गए भृत्य स्वरूप सिंह किरार और प्रदीप शर्मा ने शिकायती लहजे में बताया कि उनकी ड्यूटी का मानदेय अभी तक उनके खातों में नहीं पहुंचा है जिससे वे परेशान और बड़े कार्यालयों की लापरवाही के भुक्तभोगी महसूस कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले भर में सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी निर्वाचन मानदेय राशि प्राप्त नहीं होने से समस्या ग्रस्त महसूस कर रहे हैं। बताया गया है कि प्राचार्य अल्फ्रेड उइके शिक्षक चंद्रकुमार शर्मा अध्यापक गणेश मेहरा कई जनशिक्षकों समेत दर्जनों कर्मचारियों को निर्वाचन मानदेय नहीं मिल पाया है। संवाददाता आकाश कौरव

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