मुख्यमंत्री गहलोत प्रधानमंत्री से मिले

 

जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद आज अशोक गहलोत ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात करने के बाद राज्य के भविष्य के विकास और वर्तमान में गहलोत द्वारा ही पूर्व पांच साल पूर्व शुरू की गई बड़ी योजनाओं के बारे चर्चा भी की जिसमें रेल, पानी, रिफाइनरी, किसानों की कर्जमाफी के साथ केन्द्र की सहभागिता से चलने वाली योजनाओं की स्थिति रिपोर्ट भी दी।

मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों के जवाब में उत्तर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात एक शिष्टाचार मुलाकात है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में अहम स्थान रखती है उपरोक्त मुद्दो पर उनसे हुई चर्चा में उनका आश्वासन सकारात्मक था किसानों की कर्जमाफी पर पूछे गए प्रश्न पर गहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार की नीति के चलते ही पूरे देशभर के राज्यों में किसानों का आंदोलन चला कौन नहीं जानता उन्होने कहा कि तमिलनाडू, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में तो कई किसानों ने आत्महत्यायें भी की और आंदोलन दिल्ली तक किया गया।

राहुल गांधी की कर्जमाफी पर गहलोत ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते सभी कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों का दायित्व था किसानों की कर्जमाफी के आदेश जारी कर दिए है तो सात फरवरी से कैम्प शुरू हो जायेंगे। उन्होने मोदी सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई, विदेशो में जमा कालाधन और भ्रष्टाचार पर निशाना साधा कहा कि इन सभी मुद्दो पर मोदी सरकार ने जनता के हक में पूरे पांच साल काम नहीं किया और खाली जुबानी जमा खर्च होता रहा।

पत्रकारों के ममता बनर्जी के धरने प्रश्न पर कहा कि कानून अपना काम करे कौन रोकता है पर जिस तरह प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है चुने हुए मुख्यमंत्री के लिए असंवैधानिक नीति कहा जायेगा कांग्रेस के समर्थन पर कहा कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीजी ने धरने को गलत ठहराया है तो सभी कांग्रेसी सरकारें उस निर्णय के अधीन आ जाती है। अंत में उन्होने भाजपा और कांग्रेस की लोकसभा की तैयारियों के प्रश्न पर कहा कि कांग्रेस का कैम्पेन मुद्दो पर आधारित लोकतांत्रिक संवैधानिक दायरे के तहत चलेगा उन प्रश्नों के उत्तर देना भाजपाई नेताओं को मुश्किल हो जायेगा
By-kailashsingh

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