कार्ति चिदंबरम की 54 करोड़ की संपत्ति सीज

कार्ति ने कहा कि यह कार्रवाई केवल हेडलाइन को पकड़ने जैसा है. इस आदेश पर वह न्यायिक जांच, समीक्षा या अपील का सामना नहीं करेंगे. ट्वीट कर कार्रवाई को बताया ‘विचित्र और अपमानजनक’.

प्रवर्तन निदेशालय ने आईएनएक्स मीडिया मामले में कार्ति चिदंबरम के स्वामित्व वाली 54 करोड़ मूल्य की संपत्तियां सीज की हैं. इनमें नई दिल्ली के जोरबाग, ऊटी, कोडिकानल, ब्रिटेन स्थित आवास और बार्सिलोना की संपत्ति शामिल हैं. इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति ने इसे विचित्र और अपमानजनक बताया. उन्होंने कहा कि ‘प्रोविजनल अटैचमेंट आर्डर’ कानून या तथ्यों पर आधारित नहीं है. बल्कि आधारहीन है. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ वह लीगल फोरम में जाएंगे.

कार्ति ने कहा कि यह कार्रवाई केवल हेडलाइन को पकड़ने जैसा है. इस आदेश पर वह न्यायिक जांच, समीक्षा या अपील का सामना नहीं करेंगे. ईडी सूत्रों ने कहा कि चेन्नई में एडवांटेज कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) के नाम पर एक बैंक में रखे गए 90 लाख रुपये को भी सीज किया गया है. कथित रूप से जिन संपत्तियों को सीज किया गया है वह कार्ति या एएससीपीएल फर्म से जुड़ी हुई हैं.

आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है. इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थी. इस मामले में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की 305 करोड़ रुपये की मंजूरी के संबंध में कथित भूमिका के लिए जांच एजेंसियों के दायरे में हैं.

सीबीआई ने 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि हासिल करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी से मिली मंजूरी में कथित अनियमितता की शिकायत पाई. जिसके बाद पिछले साल 15 मई को एफआईआर दर्ज की थी. यूपीए-1 सरकार के दौरान जब यह मंजूरी दी गई, तो उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

इस मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति का भी नाम सामने आया है. सीबीआई का कहना है कि कार्ति ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाने के लिये 10 लाख डॉलर की रिश्वत ली. कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया था.

 

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