बजट सत्र शुरू : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोनों सदनों को संबोधित किया।

 

नई दिल्ली. संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोनों सदनों को संबोधित किया। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ”2014 के चुनाव के बाद से देश अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था। सरकार ने इसे दूर करने का बीड़ा उठाया। सरकार ने तय किया कि लोगों को सुविधाएं पहुंचें। वो बच्चा बिजली के अभाव में पढ़ने का इंतजार करता था, वो युवा कर्ज न मिल पाने के कारण रोजगार शुरू नहीं कर पाता था, मेरी सरकार ने इन्हीं सब योजनाओं को शुरू किया।” राष्ट्रपति ने कहा- यह सरकार हर वर्ग की आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम कर रही है।

‘सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी’ राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ”मेरी सरकार ने देश का अपार विश्वास जीता है। हर व्यक्ति का जीवन सुखी हो, यही मेरी सरकार का लक्ष्य है। आम नागरिक का दर्द समझने वाली मेरी सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी। प्रभु बासवन्ना ने कहा था- करुणा ही सभी धर्मों का आधार है। 9 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने हैं। एक आकलन का मुताबिक- शौचालयों के बनने से गरीबों की बीमारियों से रक्षा हो पा रही है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर हमने देश को खुले में शौच से मुक्त बनाने के फैसला किया।”

’13 करोड़ लोग गैस कनेक्शन से जुड़े’ राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ”बहनों-बेटियों के लिए सरकार ने 6 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए। बीते साढ़े चार साल में सरकार ने 13 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन से जोड़ा। सरकार ने पिछले साल आयुष्मान योजना शुरू की। 10 लाख लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए 5 लाख प्रतिवर्ष इलाज की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना के तहत 4 हजार जनऔषधि केंद्र शुरू किए जा चुके हैं।”

‘नए एम्स बनाए जा रहे हैं’ उन्होंने कहा, “मेरी सरकार कुपोषण दूर करने के लिए भी काम कर रही है। सरकार राष्ट्रीय कुपोषण मिशन शुरू किया है। दूरदराज स्थित लोगों को टीकाकरण की सुविधा मिले, इसके लिए इंद्रधनुष योजना शुरू की गई है। मेडिकल कॉलेज समेत वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। नए एम्स बनाए जा रहे हैं। गांव में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज में 31 हजार सीटें जोड़ी गई हैं।”

‘दिव्यांगों के लिए काम कर रही सरकार’ राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ”जब देश को अटल बिहारी वाजपेयी के रूप में दूरदर्शी और गरीबों का दर्द समझने वाले प्रधानमंत्री मिले थे, तब स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी कई अहम योजनाएं लाई गई थीं। अटल जी द्वारा स्थापित सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजनों के लिए काफी काम कर रहा है। 12 लाख दिव्यांगजनों को 700 करोड़ रु के उपकरण दिए जा चुके हैं। सरकार ने स्टेशनों को दिव्यांगजनों के लिए सुगम बनाया है। सरकार ने दिव्यांगों के लिए एक ही सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल शुरू किया है। केंद्र सरकार की वेबसाइटों को भी दिव्यांगों के लिए बदला गया है।”

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरे देश के लोगों की नजर संसद की कार्यवाही पर होगी। लिहाजा इस सत्र में सांसदों को सार्थक बहस करनी चाहिए। हम संसद में सभी अहम मुद्दों पर चर्चा करने को प्रतिबद्ध हैं

By-kailashsingh

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