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आर्यन खान NCB के समक्ष हुए पेश, हाईकोर्ट ने जमानत के लिए रखी थी यह शर्त

मुंबई क्रूज ड्रग्‍स केस में आर्यन को अन्‍य आरोपियों के साथ अरेस्‍ट किया गया था. मुंबई के आर्थर रोड जेल में करीब 22 दिन बिताने के बाद आर्यन को 30 अक्‍टूबर को रिहा किया गया था.

मुंबई : Aryan khan cruise drugs case: मुंबई क्रूज ड्रग्‍स केस में सुपरस्‍टार शाहरुख खान (Shahrukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) आज नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) के समक्ष पेश हुए. 23 साल के आर्यन की जमानत मंजूर करते हुए बॉम्‍बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की ओर से हर शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने की शर्त रखी गई है. एनसीबी के समक्ष हाजिरी लगाकर आर्यन वापस लौट गए हैं. मामले के एक अन्‍य आरोपी अरबाज मर्चेंट भी आज जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए.गौरतलब है कि मुंबई क्रूज ड्रग्‍स केस में आर्यन को अन्‍य आरोपियों के साथ अरेस्‍ट किया गया था. मुंबई के आर्थर रोड जेल में करीब 22 दिन बिताने के बाद आर्यन को 30 अक्‍टूबर को रिहा किया गया था.

आर्यन के पास से ड्रग्‍स बरामद नहीं हुई थी लेकिन NCB ने कोर्ट में दावा किया था कि उनके व्‍हाट्सएप चैट्स से साबित होता है कि वे अवैध ड्रग सौदों में शामिल थे और उनके विदेशी ड्रग्‍स सिंडीकेट से संबंध हैं. हालांकि HC ने माना था कि व्‍हाट्सएपचैट इस बात को साबित करने के लिए पर्याप्‍त नहीं है कि आरोपियों में से एक ने आर्यन को ड्रग्‍स की सप्‍लाई की थी. रिहा होने के बाद आर्यन जब अपने पिता के साथ जेल से घर पहुंचे थे तो ‘मन्‍नत’ के बाहर जश्‍न सा माहौल नजर आया था और शाहरुख के फैन्स ढोल-नगाड़ों के साथ आर्यन खान का स्‍वागत करते देखे गए थे. यदि आर्यन कोर्ट की ओर से निर्धारित शर्तों का उल्‍लंघन करते है तो एनसीबी उनकीबेल को कैंसल करने का आवेदन कर सकती है.

कोर्ट के आदेश में आर्यन की जमानत मंजूर करते हुए 14 शर्तें रखी गई हैं. कोर्ट की कंडीशंस में जिक्र है कि आर्यन पुलिस को बताए बिना मुंबई नहीं छोड़ सकेंगे, उन्‍हें हर शुक्रववार को एनसीबी के समक्ष पेश होना होगा. शर्तों के अनुसार, आर्यन इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ सकेंगे, अरबाज मर्चेंट जैसे दोस्‍तों और मामले के आरोपियों से बात नहीं करेंगे और मीडिया से भी बातचीत नहीं करेंगे. आर्यन को शुक्रवार को प्रात: 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच एनसीबी दफ्तर में पेश होना होगा. कोर्ट की सुनवाई में मौजूद होना होगा और जब भी जरूरत होगी, जांच में सहयोग करना होगा. कोर्ट के आदेश के अनुसार,इसमें से किसी भी कंडीशन के उल्‍लंघन की स्थिति में एनसीबी के पास जमानत को रद्द करने का आग्रह करने का अधिकार होगा.