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PM मोदी ने दो Quad लीडर समेत कमला हैरिस को दिया विशेष गिफ्ट – sambhavsandesh.com

प्रधानमंत्री ने 56 वर्षीय हैरिस को एक पांच दशक पुरानी सरकारी अधिसूचना दी, जिसमें उनके दादा-पीवी गोपालन का उल्लेख किया गया था.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ( US Vice President Kamala Harris) से पहली प्रत्यक्ष मुलाकात में उन्हें लकड़ी की दस्तकारी वाले फ्रेम में उनके नानाजी से संबंधित पुरानी अधिसूचनाएं और ‘‘मीनाकारी” शतरंज का एक सेट भेंट किया. हैरिस के नानाजी भारत सरकार में एक अधिकारी थे. यह जानकारी सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को दी. प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति हैरिस के साथ बृहस्पतिवार को हुई बैठक में भारत और अमेरिका को ‘‘स्वाभाविक साझेदार” बताया और इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका सामरिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने का फैसला किया तथा लोकतंत्र को खतरा, अफगानिस्तान एवं हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत साझा हित के वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.

दोनों नेताओं की मुलाकात को ‘‘बहुत सफल” करार देते हुए सूत्रों ने कहा कि मोदी ने इस दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति को बहुत विशेष उपहार भेंट किए. एक सरकारी सूत्र ने कहा, ‘‘दिल को छू लेने वाले एक भाव के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने कमला हैरिस को एक उनके नानाजी पी वी गोपालन से संबंधित पुरानी अधिसूचनाओं की एक प्रति लकड़ी के दस्तकारी वाले फ्रेम में भेंट की.” मोदी ने उन्हें ‘‘गुलाबी मीनाकारी” शतरंज का सेट भी भेंट किया. सूत्रों ने बताया कि इस ‘‘गुलाबी मीनाकारी” का संबंध उनके संसदीय क्षेत्र और दुनिया के सबसे पुराने शहरों में एक वाराणसी से है. उन्होंने बताया कि शतरंज के इस सेट को बहुत शानदार दस्तकारी से तैयार किया जाता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन को जो उपहार दिया, वह ‘‘सिल्वर गुलाबी मीनाकारी जहाज” का शिल्प था. वहीं, उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सूगा को चंदन की लकड़ी से बनी बुद्ध की मूर्ति उपहार में दी. मॉरीसन को भेंट किया गया उपहार भी वाराणसी से संबंधित है. प्रधानमंत्री ने हैरिस के अलावा मॉरिसन और सूगा से भी द्विपक्षीय वार्ता की थी.

मोदी बुधवार को आधिकारिक अमेरिकी दौरे पर वाशिंगटन पहुंचे हैं. उनकी राष्ट्रपति जो बाइडन से पहली प्रत्यक्ष मुलाकात शुक्रवार को होनी है. साथ ही वह क्वाड समूह के नेताओं के सम्मेलन में भी शिरकत करेंगे. अपनी यात्रा के आखिरी पड़ाव में वह संयुक्त राष्ट्र आम सभा के 76वें सत्र को भी संबोधित करेंगे.