स्वेत क्रांति की ओर चंपारण

 

मोतिहारी,17-1_19,अशोक वर्मा ।

 विकास का मुख्य आधार उत्पादन होता है।कृषि प्रधान अपने देश भारत मे आज मौसम की बेरुखी और बेरहमी के कारण किसानों की माली हालत दिनोदिन खराब होती जा रही है।रसायनिक खेती और कीटनाशकों के बढते प्रयोग नेअनाज और शब्जियों मे एक तरह से जहर घोल दिया है ,जिसका परिणाम आम नागरिकों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जा रही है।भारत मे पहले दूध की नदिया बहती थी,ऐसी मान्यता है।यहां के लोगों का स्वास्थ्य दूध के कारण काफी अच्छा रहता था,जिसके कारण बीमारी भी कम होती थी।

आध्यात्म परायण किसान पूत्र स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने किसानों और गौपालकों के माली हालत को सुदृढ करने के लिए अनेक कदम उठायें  हैं जिसमें दूध उत्पादन को बढाने हेतु मदर डेयरी प्लांट का उद्घाटन 19 जनवरी को वे करेंगे ।बापूधाम दूध उत्पादक कंपनी द्वारा पीपराकोठी के पास मठ बनवारी मे पीछले वर्ष इस पलांट को मदर डेयरी ने स्थापित किया था ,और दूध खरीदारी का कार्य आरंभ करके सीधे गौ पालको के खाते मे उसके द्वारा सातवें दिन भुगतान किया जाना आरंभ हुआ ,जो लगातार हो रहा है।  नगर के बरियारपुर स्थित एक होटल मे आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव खन्ना ने कहा कि दिल्ली ब्रांड का उत्पाद अब छ: जिलों मे उपलब्ध होगा।यह पलांट आधुनिक टेक्नालॉजी युक्त है जिससे दुध की गुणवत्ता उत्तम होगी ।कंपनी के पहल से इस क्षेत्र मे संग्रह किए गए दूध सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगी।एनडीडीबी के चेयरमैन दिलीप रथ ने कहा कि किसानों की आय बढाने के प्रयास हेतु यह नया दूध प्रसंस्करण पलांट काफी  मददगार साबित होगा।इस प्लांट के कारण इस क्षेत्र मे दूध उत्पादन मे काफी वृद्धि होगी।डेयरी फ्रूटऔर वेजीटेवल के डायरेक्टर सौगात मित्रा ने कहा कि हमारी वितरण व्यवस्था भी काफी  सुलभ होगी ।दूध की कीमत पर वक्ताओं ने कहा कि सुधा के कीमत समान हीं कीमत होगी।गुणवत्ता अच्छी होगी ।

शनिवार को केंद्रीय मंत्री के उद्घाटन के बाद दूध की आपूर्ति 6 जिलों मे आरंभ हो जायगा ।नया प्लांट गौपालकों के भविष्य को सवांरने मे निश्चित मददगार होगा,लेकिन बाढ और सुखाड से आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके काफी किसानो ने अपने मवेसियों को बेंचकर कुछ कर्ज़ सधाया और अपने घर का खर्चभी  चलाया।अच्छे -अच्छे गाय कसाइयों ने खरीदकर बंगला देश पहुंचा दिया।गांवो मे गाय पालने मे रुचि भी कम हुई है ।महंगी गाय खरीदने की क्षमताभी नही है।लेबर समस्या भी गाय पालको के लिए बडी समस्या है।दुरद्रष्टा राधामोहन सिंह अगर गाय खरीदारी मे अनुदान का प्रतिशत बढाकर गौपालकों को सहुलियत देने की दिशा मे अपने मंत्रालय द्वारा कोई कार्रवाई करते हैं तो परिणाम और भी  बेहतर होगा,तथा स्वेत क्रांति लाने का उनका अभियान काफी  सफल होगा।

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