नारी अपने आदि स्वरूप को स्मृति मे लावे–बीके अशोक वर्मा

मोतिहारी,8-3-19,बीके अशोक वर्मा ।नारी को अपनी शक्ति कहीं बाहर नहीं ढूंढना है उसे तो वरदान मे शक्ति प्राप्त है।ईश्वर के गुण नारी मे समाहित है तभी तो नारी को शिवशक्ति कहा जाता है।उक्त उदगार अंतरराष्ट्रीयमहिला दिवस के अवसर पर राजेंद्र नगर भवन मे जागृति सेवा एवं ब्रावो फाउण्डेशन द्वारा आयोजित समारोह मे ब्रह्माकुमारी मीडिया विंग के बीके अशोक वर्मा ने कही।उन्होंने कहा कि बढते समय के साथ नारी अपने आदि देवी स्वरूप को भूलती गई, आज उसे सिर्फ उसे समृति मे लाने की जरूरत है।सहज राजयोग एवं ईश्वरीय पढाई से कोई भी अपनी सोई शक्ति और विस्मृति को जागृत और स्मृति मे ला सकता है।।नारी का मूल श्रृंगार ज्ञान और गुण संपन्नता है।नारी को लज्जा ,दया ,करुणा और क्षमा की गंगोत्री  कहा गया है। नारी आज भी अपने नाम के आगे देवी लगाती है तथा परमपिता परपरमात्मा के बिंदू स्वरूप को अपने भृकुटी के बीच मे बिंदी के रूप मे लगाती हैं।ब्रह्माकुमारी ने तो 1936 मे अपने स्थापना के साथ हीं  महिलाओं के मान को बढाया।परमात्मा के द्वारा बने निमित्त संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने अपने तमाम चल और अचल संपति को आठ  माता बहनो  के नाम ट्रस्ट बनाकर कर दिया।आज नारी शाक्ति के नेतृत्व मे संस्था विश्व के  140 देशो मे भारत के ज्ञान ज्योत को फैला रही है।संबोधित करने वालों मे नगर परिषद की चेयरमैन बहन अंजु देवी,अधिवक्ता बहन पुतुल पाठक ,नेपाल की महिला विधायक बहन अग्रवाल,प्रो०बबिता श्रीवास्तव भ्राता धर्मवीर ,दूरदर्शन की माही खान एवं अन्य कई भाई बहन थे।उक्त अवसर पर ईश्वरीय सेवा एवं पत्रकारिता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के कार्य लिए बीके अशोक वर्मा को प्रो० बबिता श्रीवास्तव ने मोमेंटो देकर एवं शाल ओढाकर सम्मानित किया।

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