युवा लेखक गुलरेज शाहजादा पं०धरीछन मिश्र सम्मान से नवाजे गए।

मोतिहार,23-3-19,अशोक वर्मा।नगर के नकछेद टोला निवसी युवा लेखक एवं शायर गुलरेज शाहजादा को उनकी नई काव्य कथा “चंपारण गाथा” के लिए उत्तर प्रदेश के कुशीनगर मे पं०धरीक्षण मिश्र साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया।विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी एवं शिक्षाविद डा०वेद प्रकाश पाण्डेय ने उनको  सम्मान का चादर ओढाया एवं प्रशस्ती पत्र दिया।उस अवसर पर अपने संबोधन मे गुलरेज शहजादा ने कहा कि किसी भी रचना मे वह शकुन और तृप्ति मिलती है जो धन और आलिशान इमारत खड़ी करने से भी नहीं मिलती।साहित्य सृजन खुदा का इबादत है।विधायक समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक नेट के युग मे आधार तो पुस्तक हीं है।उस अवसर पर वरीय साहित्यकार आर० डी० एन० श्रीवास्तव ,पं०धरीक्षण मिश्र के पौत्र कैलाश नाथ मिश्र एवं प्रो०अमृतांशु  शुक्ल समेत काफी  संख्या मे बुद्धिजीवी एवं साहित्य प्रेमी मौजुद थे। 40 वर्षीय गुलरेज मे बाल्य काल से हीं साहित्यिक रुझान था। 8 वर्ष  की उम्र मे जसम सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित मुंशी प्रेमचंद जयंती पर आयोजित लेख प्रतियोगिता मे प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया था ।मुंबई मे इन्होंने कई फिल्मो की कहानी लिखी है।कई कथा एवं काव्य पुस्तको के रचईता गुलरेज शाहजादा वर्तमान समय नकछेद टोला नगर परिषद के वार्ड सदस्य हैं। कई सांस्कृतिक संस्थाओं  से जूड़े शाहजादा भाजपा के जिला प्रवक्ता हैं। इनके  सम्मानित होने पर कईयों ने बधाई दी है।बधाई देनेवालों मे पत्रकार इंतेजारुल,डा०अरुण कुमार ,कवि रामजय प्रताप सिंह,प्रसाद रत्नेश्वर, अजहर हुसैन अंसारी ,अभय अनंत ,धनुषधारी कुशवाहा एवं अन्य हैं।

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