दस वर्ष से लंबित है स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी पहचान पत्र

चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष अप्रेल 2017-18 समाप्त हो चुका है।एक वर्ष तक चले कार्यक्रमों मे सेनानियों के साथ उनके उत्तराधिकारियों की महिमा जमकर हुई।कई सम्मान समारोह भी  किए गए जिसमें भाजपा और कांग्रेस ने अलग- अलग कार्यक्रम कर उतराधिकारियों को सम्मानित किया ।सबसे पहले विहार के तत्कालिन राज्यपाल महामहिम श्री रामनाथ कोबिंद ने 15 अप्रैल2017 के बडे कार्यक्रम मे सेनानी एवं उत्तराधिकारियों को सम्मानित किया।समापन पर2018 मे भी भाजपा ने कार्यक्रम कर केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह के हाथों सम्मानित किया। उस समापन कार्यक्रम मे सांसद रमा देवी,विहार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार एवं जिले के तमाम भाजपा विधायक मौजुद थे।सेनानी पूत्र और सुबे के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने उत्तराधिकारियों को विशेष निमत्रण पर बुलाकर जिले मे पदयात्रा की थी। एक वर्ष तक चंपारण सत्याग्रह समारोह की धूम मची रही।ऐसा लगा कि अब सेनानी परिवार को कोई बडी लाटरी लगनेवाली है,और अब सभी उत्तराधिकारियों का भाग्य खुलेगा।ऐसी चर्चा थी कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार अलग अलग घोषणा कर चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष पर सभी उत्तराधिकारियों को पेंशन देना आरंभ करेगे।ऐसा सोचना इसलिए हुआ कि समारोह और कार्यक्रमों मे पानी के तरह रुपया बहाया गया।प्रधानमंत्री तक का प्रोग्राम नगर मे हुआ।एक अनुमान के अनुसार शताब्दी समारोह कार्यक्रमों मे चार अरब रुपऐ से ज्यादा राशी खर्च हुए।सभी  ने स्वतंता संग्राम के सेनानी और उनके वंशजो का बार बार नमन किया और उस बहाने अपना वोट बैंक बनाने का प्रयास किया।                                                         शताब्दी वर्ष आया और चला गया।सेनानी उत्तराधिकारी दस वर्ष पूवॅ पहचानपत्र के लिए जिला समाहारणालय मे आवेदन दिए थे।ऐसी उम्मीद थी की शताब्दी वर्ष के किसी प्रोग्राम मे प्रशासन मंच से उस पहचान पत्र का वितरण कराती,लेकिन मंच तो क्या आज तक पहचान पत्र के लिए उत्तराधिकारी समाहारणालय का दौड लगा रहे हैं,लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन हीं मिल रहा है।दस वर्ष पहले दिए गए आवेदन कार्ययालय से हीं गायब हो गए थे इसलिए संगठन के माध्यम से दुबारा आवेदन दिया गया।उत्तराधिकारी की श्रेणी मे सेनानी पूत्र,पूत्रीं,पोता, पोती और नाती नतिनी को विहार सरकार ने माना है,और नौकरी मे दो प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की गई है।स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष श्रीकिशोर पाण्डेय ने बताया कि जिन उत्तराधिकारियों की उम्र नौकरी के लिए बची हुई है वे पिछले दरवाजें से मोटी राशी कायाॅलय मे देकर अपनी पचान पत्र बनवा रहे है।कमाई की अच्छी संभावना देख कमीॅ फाईल दबाकर काम कर रहे हैं।उनहोंने कहा कि इस बावत कई बार जिलाधिकारी से मिला हूं और उनहोंने जल्दी पचान पत्र देने का आश्वासन भी दिया,लेकिन ऐसा लगता है कि उनके आदेश को कोई मान हीं नही रहा है ।संगठन के सचिव अधिवकता राज किशोर सिंहने कहा कि जिले भर के उत्तराधिकारी अपनी माँग को लेकर एक दिवसीय धरना पर बैठेंगे।अगर इस पर भी मांगे नही मानी गई तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जयेगा।

मोतिहारी,अशोक वर्मा

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