केबीसी पांच करोड़ विजेता सुशील कुमार पर्यावरण संतुलन की दिशा मे एक कदम और बढाया

मोतिहारी,8-2-19,अशोक वर्मा ।अमूमन देखा जाता है कि धन और पद बढने पर आम लोग सुख सुविधा भोगने तक अपने को सीमट लेते है या उस धन को दिनोदिन और अधिक बढाने का रास्ता तलाशते है।बहुत लोग बढे धन के गुमान मे इतने फुल जाते हैं कि अपने कई पीढी पहले के पूर्वजो के नामी बेनामी संपत्ति को इस भ्रष्ट व्यवस्था के सरकारी रहनुमाओं को पैसे के बल पर खरीदकर तथा कागजातों  मे हेराफेरी करके अपने नाम कराने मे लगे रहते हैं। इस भ्रष्ट और पतित दौर मे एक ऐसा नाम है सुशील कुमार जिसने अपने मेहनत और पढाई के बल पर टीवी  के लोक प्रिय कार्यक्रम कौन बनेगा करोडपति मे चंद वर्ष पूर्व सर्वोच्च्य उंचाई पर पहुंचे और पांच करोड़ रुपया जीतने मे सफल हुए थे।अति साधारण परिवार के युवा सुशील कुमार पहले एल आई सी के एजेंट थे विजयी होने के बाद उन्होंने अपने मां पिता के लिए एक घर बनवाया है।और अपने अंदर दबे समाज सेवा के जजबा को धरातल पर उतारने मे एक वर्ष से लगातार लगे हुए हैं।
करोडपति विजेता सुशील कुमार ने सामाजिक समस्याओं के लंबे फेहरिस्त के बीच से प्रर्यावरण समस्या को चूना।प्रकृति से मुफ्त मे मिले हवा और पानी ,जो आज प्रदूषित होकर स्वांस संबंधित कई बीमारियो का कारण बना हुआ  है,उस पर काम करने का निणॅय लिया।प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के सात दिवसीय कोसॅ करने के बाद और काफी विचार मंथन के बाद उन्होंने चंपारण जिले का आधार पेंड” चंपा”का पौधा लगाओ अभियान आरंभ किया।नगरपरिषद अध्यक्ष अंजु देवी और विश्व प्रसिद्ध समाजकर्मी मेघा पाटेकर के हाथों इस अभियान का शुभारंभ 2018 मे महात्मा गांधी चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष  के अवसर पर किया।देखते देखते इस अभियान को समाज के हर क्षेत्र से समथॅन मिला और काफी संख्या मे चंपा का पौधा अनुदान मे मिला।बिना सरकारी अनुदान और सहयोग के इन्होंने खूद तथा अपने टीम और सहयोगियों के द्वारा जिले मे अब तक दो लाख से ज्यादा पौधा लगा चूके  हैं। यह कार्य अब एक अभियान का रूप ले लिया है तथा विभिन्न कार्यक्रमों के मंचो पर अतिथियों को चंपा का पौधा उपहार मे देने की परंपरा दिनोदिन तेज हो रही है।इस कार्य मे अप्रत्याशित सफलता मिलने के बाद सुशील कुमार ने 2019 के जनवरी मे प्रर्यावरण संतुलन एवं स्वास्थय लाभ के क्षेत्र मे एक नया अभियान “साईकिल चलाओ” आरंभ किया है।पौधारोपण समान वे खुद साईकिल थाम लिए हैं।उनको इस अभियान मे भी  सफलता मिलना आरंभ हो चुका है।फ्यूल बचाओ और स्वांस की बीमारी भगाओ के नारा के साथ सुशील प्रतिदिन नगर परिषद के एक वार्ड मे निकल पडते  हैं और वहाँ  के पाषॅद को साथ लेकर घर -घर जाकर अपने इस अभियान के लाभ से सबको अवगत करा रहे हैं।अपने बच्चे को वे साईकिल पर हीं स्कूल छोड़ते और लाते हैं।                     युवा सुशील कुमार ने बताया कि जीवन का हर पल अनमोल है और बीता हुआ पल फिर लौटता नही है इसलिए हर पल को साथॅक करना चाहिये।समाजिक कार्य से दुआ मिलती है जो विपरित समय पर सुरक्षा कवच का काम करती है।

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