प्रभाकर जायसवाल ने पूर्वजो के पालना का ऋण उतारा।

 

मोतिहारी। बदलते दौर मे जब बडे बुजुर्ग अपने जीवन काल मे हीं अपनी रचना परिवार के सदस्यों से उपेक्षित हो रहे हैं,संयुक्त परिवार की परिभाषा समाप्त होकर सिर्फ पत्नी और छोटे बच्चे तक सिमट कर रह गई है, अब ज्यादातर फ्लैट सिर्फ एक कमरे का होता जा रहा है।वृद्ध माॅ पिता के लिए बरामदे का तीन फिट जमीन दिया जा रहा हो, और पूर्वजो की जब मृत्यु हो जा रही है तब वंशजो की दृष्टि सिर्फ उनके चल अचल संपत्ति तक हीं सिमटती जा रही हो और कमरे मे उनकी यादगार एक तस्वीर तक टंगनी बंद हो चुकी हो, तब ऐसे दौर मे अगर 46 वर्ष पूवॅ दिवंगत अपने पूर्वज दादा की स्मृति मे कोई खेल समारोह का आयोजन होता है और उसमें परिवार के सैकडो लोग जब इकठ्ठे होते हैं तो सुखद आश्चर्य होता है।

सच मे जो कहा गया है कि खेल और संगीत मे एकता के सूत्र मे बांधने की शक्ति होती है, इसे अक्षरशः सच साबित किया है स्पोर्टस क्लव के सचिव एवं स्वतंत्रता सेनानी रामदयाल प्रसाद साह के पौत्र प्रभाकर जायसवाल ने। अपने दादा स्वतंत्रता सेनानी रामदयाल प्रसाद साह के नाम पर चैरिटेवल ट्रस्ट नामक संस्था बनाकर चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष 2018 से लगातार फुटवाल टुनाॅमेंट का आयोजन कर रहे हैं। वतौर सचिव प्रभाकर जायसवाल ने खेल के आयोजन के बहाने अपने दादा स्व०साह के सभी वंशजो को एक मंच पर बैठ उनके सामजिक सेवा कार्यों खासकर स्वतंत्रता संग्राम मे उनके योगदान पर खुलकर चर्चा कराते हैं।

इस अनुठे पहल को नगरवासी खासकर बुद्विजीवियों ने काफी सराहा है। आयोजन के उद्घाटन सत्र मे चंपारण सत्याग्रह और गांधी को मोतिहारी बुलाने मे रामदयालबाबू के तन मन और धन के सहयोग के अनछुए पहलुओं पर खुलकर वक्ताओं द्वारा विचार व्यक्त किए जाते हैं।पिछले वर्ष पूवॅ केंद्रीय मंत्री डा०अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस अनोखे आयोजन के लिए प्रभाकर जयसवाल को सम्मानित भी किया था। दुसरे वर्ष का आयोजन इस वर्ष 12 फरवरी को संपन्न हुआ। नेपाल बनाम हाजीपुर रेलवे महिला फूटवाल टीम के बीच हुए मैच मे विजेता हाजीपुर रेलवे टीम को पूवॅ विधायक लक्ष्मी यादव ने शिल्ड दिया। पहले वर्ष की भांती इस वर्ष भी रामदयालबाबू के परिवार के प्रपौत्र तक कार्यक्रम मे शामिल हुए और सभी ने एक स्वर से इस आयोजन को प्रतिवर्ष करने के प्रति उत्साह दिखाया। कार्यक्रम मे रत्नेशमणि त्रिपाठी,गांधी भक्त तारकेश्वर प्रसाद,योगेंद्र नाथ शर्मा समेत काफी संख्या मे बुद्धजीवियों ने भाग लिया।इस वर्ष भी स्मारिका का प्रकाशन हुआ तथा समाज के विभिन्न क्षेत्र के लोगों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि प्रो०जगदीश विद्रोही ने किया और संचालन प्रभाकर जायसवाल ने किया।

 

चंपारण व्यूरो अशोक वर्मा

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