जवान के साथ मारपीट, बदायूं जिले में घटी इस बारदात ने सर को झुकाने को मजबूर कर दिया है

बदायूं। जहां एक ओर पूरा देश सैनिकों के सम्मान में झुका हुआ है और हर हिंदुस्तानी का सीना फख्र से चौड़ा हो जाता है जब बात सेना के जवानों की आती है। लेकिन बदायूं जिले में घटी इस बारदात ने सर को झुकाने को मजबूर कर दिया है साथ ही यह सवाल उठना लाज़िम है कि क्या जवानों के लिए सम्मान महज दिखावा तो नही है।

जालिम सिंह नाम का यह जवान छत्तीसगढ़ में  सीआरपीएफ की 195 बटालियन में तैनात है। यह होली के त्योहार पर ट्रेन से अपने घर आ रहे थे। ट्रेन जैसे ही करेंगी स्टेशन पर रुकी तो ट्रैन के गेट पर खड़े एक लड़के ने उनकी पत्नी से छेड़छाड़ शुरू कर दी जवान ने जब लफंगे को समझाया तो उसने अपने अन्य साथियों को फोन कर बुला लिया और जवान के साथ मारपीट कर लहूलुहान कर दिया जवान ने रेलवे पुलिस को भी जानकारी दी मगर कोई सहायता नही की गई। जवान की पत्नी का यह भी कहना है कि मारपीट कर रहे लड़कों ने उनके जेबर तक लूट लिए। जवान जब मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने वजीरगंज थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बगरैन गया तो उसको वहां से यह कहकर टरका दिया गया कि मामला रेलवे पुलिस का है इसकी रिपोर्ट चंदौसी के जीआरपी पुलिस स्टेशन में होगी।
आखिरकार जवान लहूलुहान अवस्था मे ही चंदौसी पहुचा तो वहां मारपीट की मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।साथ ही आरोपी रंजीत सिंह और उसके साथियों पर एससीएसटी एक्ट की कार्यवाही भी की गई है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि रेलवे पुलिस ने भी आरोपियों के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन नही लिया जबकि हमलाबरो को मौके से ही पकड़ा जा सकता था।दूसरा यह कि रिपोर्टिंग चौकी पर भी मामले में कोई संज्ञान नही लिया गया और जवान को ना ही उपचार के लिए भेजा गया बल्कि उसको 40 किलोमीटर दूर रिपोर्ट दर्ज कराने को घायल अवस्था मे जाना पड़ा।तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि जवानों के प्रति सम्मान कागजी नही तो और क्या है।

सौरभ पाल बदायूँ

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