रालोसपा की पूर्वीचंपारण लोेक सभा सीट पर गहरी नजर।

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण लोक सभा सीट जो फिलहाल केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह के कब्जे मे है,पर गठबंधन के तीन उम्मीदवारों की नजर पहले से तो थी हीं, अब उस सीट पर रालोसपा की दावेदारी से नया समीकरण बनता नजर आ रहा है। चंपारण के बल्मीकिनगर मे रालोसपा के तीन दिनी मंथन के बाद केंद्रीय मंत्री मंडल से उपेंद्र कुशवाहा का त्यागपत्र देना और राजद गठबंधन मे शामिल होना और पूर्वी चंपारण के सीट पर दावा करने से इस सीट का महत्व काफी बढ़ गया है।वैसे भी केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह का संसदीय सीट होने के कारण इसका महत्व पहले से भी काफी ज्यादा था।
दिसंबर मे बाल्मीकिनगर मे तीन दिनो के वैचारिक मंथन के बाद दिसंबर मे हीं मोतिहारी मे आयोजित बडी जन सभा मे उपेंद्र कुशवाहा ने इस सीट पर अपनी दावेदारी का मौन इशारा किया था।औरअपने दल के संभावित प्रत्यासी दरभंगा निवासी राष्ट्रीय रालोसपा प्रवक्ता एवं महासचिव माधव आनंद एवं अपने दल के वरीय सदस्यों के साथ 13 दिसंबर को नगर के अंबेडकर चौक पर आयोजित सभा मे उपेंद्र कुशवाहा ने हुंकार भरते हुए कहा कि समाज एवं राष्ट्र के विकास का आधार शिक्षा होता है और विहार मे नीतीश कुमार ने शिक्षा का बंटाधार करके रख दिया है।जनता इसका बदला केंद्र और राज्य से भाजपा और जदयू को निकाल कर लेगी ।विहार मे नीतीश गठबंधन को एक भी सीट नहीं मिलने जा रहा।दल के नेताओं के साथ अंबेडकर की मूर्ति पर पूवॅ मंत्री श्री कुशवाहा अपने सहयोगीऔर संभावित प्रत्यासी माधव आनंद ने पुष्प चढाया।
पूर्वी चंपारण लोक सभा सीट पर गठबंधन के तीन उम्मीदवारों का दावा पहले से हीं था।पूवॅ केंद्रीय मंत्री और वतॅमान मे राज्य सभा सांसद जहानावाद के कांग्रेस के डा०अखिलेश प्रसाद सिंह का बार -बार मोतिहारी दौराऔर आम जनता का उनपर चुनाव लडने का जोरदार दबाव होना अनायास नहीं है,स्थानीय और राजद के पूवॅ विधायक बब्लू देव की इस सीट पर प्रबल दावेदारी है,और उनका तूफानी क्षेत्र भ्रमणभी लगातार जारी है।राजद के सीट के दावेदार लोक सभा और विधान सभा चुनाव लड़ चुके वैशाली हाजीपुर के विनोद श्रीवास्तव हैं।चुनाव हारने के बाद भी मोतिहारी मे मकान लेकर एक तरह से यहां के निवासी अब बन चुके हैं।
लोस के लिए गठबंधन के चार प्रत्यासी मैदान मे दिख रहे है और भाजपा के वतॅमान सांसद राधामोहन सिंह स्थानीय हैं। पांचो प्रत्यासी अगडी जाति से आते हैं।राधामोहन सिंह से हीं कोई भी लडेगा।तीन प्रत्यासी बाहरी  हैं और दो स्थानीय हैं ।गठबंधन से किसे टिकट मिलेगा यह मामला अभी उच्च स्तरीय है।विनोद श्रीवास्तव यहां  से।दो बार चुनाव हार चुके  है।अखिलेश प्रसाद सिंह एकबार राधामोहन सिंह को चुनाव हरा चुके  हैं।विनोद श्रीवास्तव का लालू परिवार से गहरा और पारिवारिक रिस्ता है।माधव आनंद उपेंद्र कुमार के प्रत्यासी है और अखिलेश सिंह राहुल गांधी के प्रत्यासी हैं।अब देखना है कि गठबंधन के टिकट का सेहरा किसके माथे जाता है।वैसे देश के महत्वपूर्ण सीटों मे एक सीट पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट होगा इसमें  कोई संदेह नहीं।जातीय व्यवस्था और ध्रुवीकरण मे मोतिहारी का सीट कहीं फंसकर किसी पीछडी जाति के खाता मे चला जाये तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।अगर शिवहर की भाजपा सांसद रमा देवी का सीट शिवहर से किसी कारण कटता है तब रमा देवी अपने पुराने घर राजद मे लौटकर कहीं से भी प्रत्यासी बन सकती हैं।मोतिहारी से सांसद रही रमा देवी की पहली प्राथमिकता मोतिहारी हीं होगी ऐसा राजनीति़क पंडित मानते हैं।

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