ईश्वरीय पढाई के साथ लौकिक पढाई मे सफलता की ओर पतौरा सेवा केंद्र की दो कन्याएं

 

मोतिहारी। नगर से पांच किलो मीटर स्थित पतौरा लाला टोला गांव मे विगत 13 वर्षो से संचालित ब्रह्माकुमारीज पाठशाला जिसमें चालीस ब्रह्मावत्स नियमित ईश्वरीय पढाई और सहज राजयोग का अभ्यास कर रहे हैं, इस पाठशाला मे वर्तमान समय बीस भाई बहन जिनकी उम्र पांच वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक की है, नियमित परमात्मा के महावाक्य मुरली वर्ग मे आते है और धारणा तथा योग युक्त जीवन होने के कारण पाठशाला परमात्मा का विशेष वरदानी स्थल बन चुका है। पाठशाला की 6 वर्ष की उम्र से नियमित दो कन्या आज आधुनिकता से काफी दूर रहते हुए ईश्वरीय श्रीमत पर चल रही है।आज के युग मे दोनो कन्या न सिर्फ गांव के लिए बल्कि शहर और अपने कालेज के लिए आदर्श बन गई है। सुमन और रोशनी नामक दोनो कन्या साधारण परिवार से आती है।सुमन के पिता रिक्शा चालक है और मां दैनिक मजदूरी करती है। रोशनी के पिता साधारण व्यसाई हैं ।
दोनो ब्रह्मकुमारी बहन इस वर्ष आईकाम की परीक्षा मे 75 और 78 % अंक के साथ प्रथम डिविजन से पास हुई है। पाठशाला मे सदगुरुवार को परमात्मा को भोग स्वीकार कराने के बाद दोनो बहनोको सेवा केंद्र प्रभारी ने मुँह मीठा कर उसे बधाई दी। दोनो बहनो ने अपनी पढाई शैली पर बताया कि अमृतबेला के योग के बाद दो घंटे की नियमित पढाई से ऐसा रिजल्ट आया है। दोनो ने शिव बाबा से प्राप्त इनर पावर को इसका श्रेय दिया। भविष्य मे ईश्वरीय पढाई के साथ लौकिक उच्च पढाई करने की अपनी बात बताई।

 

अशोक वर्मा

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