आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला

 

मोतिहारी। बाढ़ की विभीषिका झेलनेवाले बंजरिया प्रखंड मे सेवा और जागरूकता कार्यो मे लगे सामाजिक शोध एवं विकास केंद्र द्दारा प्रखंड कार्यालय के सभागार मे आयोजित एक दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का उद्घाटन वरीय अपर समाहर्ता संजय कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया।अपने संबोधन मे उद्घाटनकताॅ ने कहा कि प्राकृतिक आपदा मे बाढ़ और भूकंप को मुख्य रूप से माना जाता है।बाढ़ तो बचाव के लिए कुछ मौका भी देता है,लेकिन भूकंप अचानक और विनाशक बन कर आता है।एक नया आपदा ठनका गिरना है ।इसमें तेजी से बढोतरी हो रही है।पूर्वी चंपारण मे पिछले वर्ष 6 बार और पुरे विहार मे 58 बार बिभिन्न जगहों पर ठनका गिरा। प्रकृति के साथ हुए छेद छाड का हीं यह सब परिणाम है।इधर नई- नई बीमारियों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है।इसमें चीकेन गुनिया रोग जड़ पकडता जा रहा है।तमाम बीमारियो का मुख्य कारण केमिकल खेती है।आपदा प्रकोप समाप्त करना संभव नही है,लेकिन उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। मकान निर्माण मे सावधानी रखते हुए उसे भूकंप अवरोधी बनाना होगा।घर के आसपास साफ सफाई रखना।वरसात के समय सूने जगहों पर न रहना आदि मुख्य सावधानी है।

आपदा बचाव और सुरक्षा की जानकारी सभी पाठशालाओं में देने की व्यवस्था भी करनी होगी।आपदा पर जितनी संस्थायें कार्यक्रम चला रहे हों,सभी मे आपसी तालमेल भी होनी चाहिये ।15 जनवरी को भूकंप आया था।इसलिए जनवरी माह मे आपदा जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है।गुजरात की आपदा पर कार्य करनेवाली एजेंसी को बंजरिया की समस्याओं की जानकारी आपलोग दें।उनके रिपोटॅ के आधार पर विहार सरकार कार्यक्रम तय करेगी। वैसे जिला प्रशासन हर बिंदू पर हमेंशा एलर्ट है,और उसके कार्यक्रमों मे आपदा का स्थान की प्राथमिकता मे है,लेकिन हर व्यक्ति को आपदा के प्रति खुद भी सतर्क रहना पडेगा ।प्रोजैक्ट्स मैनेजर मुकुल कुमार ने आपदा पर चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। हामिद रजा ने सभी का स्वागत किया और आपदा बचाव कार्यक्रम पर अब तक के संपादित कार्यों को विसतार से रखा।संबोधित करनेवालों मे मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष कुमार मनोज,अंजुम वोजैर,शिव कुमार सिंह एवं अन्य थे।प्रतिभागियों को दो ग्रुप मे बांटा गया था और आपदा बचाव पर उनको विशेष प्रशिक्षण देकर उनका सुझाव लिया गया।

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