सिलावट के सामने जिला अस्पताल तो पटवारी की चुनौती नेहरू स्टेडियम को संवारना

 

 

इंदौर. चार दिन की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विभागों का बंटवारा कर दिया। कमलनाथ ने उद्योग, जनसंपर्क, रोजगार और तकनीकी शिक्षा जैसे अहम विभाग तो अपने पास रखे हैं, साथ ही गृह विभाग देने के बाद बाला बच्चन को अपने से संबद्ध कर लिया और वित्त विभाग तरुण भनोट को दिया है। इस बंटवारे से साफ हो गया है कि वित्त और गृह विभाग को लेकर जो पेंच फंसा था, उसमें दिल्ली ने कमलनाथ की इच्छा पर मुहर लगा दी।

कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्द्धन को नगरीय विकास व उनके करीबी प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा और ज्योतिरादित्य सिंधिया कैंप के तुलसी सिलावट को स्वास्थ्य जैसे पब्लिक से जुड़े अहम विभाग देकर समन्वय भी बैठा दिया। कमलनाथ ने शुक्रवार को करीब पांच घंटे तक सीएम ऑफिस में बैठकर विभागों को लेकर बाकी का होमवर्क भी कर लिया। भोपाल से मंत्री पीसी शर्मा को विधि विभाग देकर कमलनाथ ने उन्हें अपने साथ रखा है। उम्मीद लगाई जा रही है कि वे अपने विभागों में से कुछ काम उन्हें बाद में दे सकते हैं।

तुलसी सिलावट, स्वास्थ्य मंत्री

  • शहर के 32 अस्पतालों में औसत 35% स्टाफ की कमी को दूर करना। बजट ढाई गुना कम, इसे बढ़ाना।
  • जिला अस्पताल के आधुनिकीकरण के प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाना। यहां स्टाफ की कमी दूर करना।
  • मूसाखेड़ी में 30 बेड के नए अस्पताल का काम शुरू करवाना।
  • खजराना में 50 बेड के नए अस्पताल को मंजूरी दिलवाना।
  • मांगीलाल चूरिया और हुकुमचंद जैसे अस्पताल के नवीनीकरण के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करवाना।
  • गामीण अस्पतालों में डॉक्टरों की 76% तक की कमी दूर करना।

जीतू पटवारी, उच्च शिक्षा, खेल व युवा कल्याण और पर्यटन मंत्री

  • नेहरू स्टेडियम को संवारना और एक बार फिर वहां नेशनल लेवल के गेम्स की प्रैक्टिस शुरू करवाना।
  • नेशनल-इंटरनेशनल लेवल की खेल एकेडमी शुरू करवाना। नेशनल लेवल का इनडोर स्टेडियम बनाना।
  • गवर्नमेंट अटल बिहारी वाजपेयी कॉलेज व राऊ गवर्नमेंट कॉलेज की नई बिल्डिंग का काम शुरू करवाना।
  • इंदौर-भोपाल पर्यटन बसों को फिर शुरू करवाना।
  • पातालपानी, तिंछाफॉल, चोरल और शीतलामाता फॉल के विकास के लिए उठी 12 कराेड़ के बजट की मांग को पूरा कर काम शुरू करवाना।

सज्जन सिंह वर्मा, लोक निर्माण विभाग व पर्यावरण मंत्री

  • बंगाली चौराहे पर स्वीकृत फ्लाई ओवर को डेढ़ साल में पूरा करवाना।
  • सांवेर-देपालपुर का शहर से तथा उज्जैन से जोड़ने वाली 1200 करोड़ रुपए की लागत की 13 सड़कों का काम तेजी से पूरा करवाना।
  • इंदौर-धार-झाबुआ के बीच एक हिस्से की खराब सड़क दुरुस्त करवाना।
  • एमवाय अस्पताल, होलकर साइंस और जीएसीसी जैसे सरकारी भवनों की गुणवत्ता सुधारना।
  • खजराना चौराहा, पलासिया, शिवाजी वाटिका चौराहा और नौलखा चौराहे पर फ्लाई ओवर की मांग पर निर्णय लेना और काम शुरू करवाना।

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