अब तक जिले में 74 हजार स्कूली बच्चों का हुआ टीकाकरण घातक है मीजल्स- रूबैला, टीकाकरण से होता है बचाव

नरसिंहपुर।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता अग्रवाल ने बताया कि मीजल्स और रूबैला घातक बीमारियां हैं। इन बीमारियों का टीकाकरण से बचाव किया जा सकता है। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत जिले में 15 जनवरी से अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 21 जनवरी तक स्कूलों के 73 हजार 982 बच्चों को मीजल्स- रूबैला के टीकाकरण किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह टीका 9 माह से लेकर 15 वर्ष तक के बच्चों को लगाया जाना है। उन्होंने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है, जो वायरस के द्वारा फैलता है। बच्चों में खसरे के कारण असमय मृत्यु हो सकती है। रूबैला एक संक्रामक रोक है। इसके लक्षण खसरा रोग जैसे होते हैं। यह रोग लड़का एवं लड़की दोनों को सक्रमिक कर सकता है। यदि कोई महिला गर्भावस्था के शुरूआती चरण में संक्रमित हो जाये, तो उनके भ्रूण एवं नवजात शिशु के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 9 माह से लेकर 15 साल तक के बच्चों को मीजल्स- रूबैला का टीका लगवाने में सहयोग प्रदान करें।
संवाददाता आकाश कौरव

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