वंदे मातरम् के गायन पर पाबंदी लगाने के अपने फैसले को वापस ले लिया

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वंदे मातरम् के गायन पर पाबंदी लगाने के अपने फैसले को वापस ले लिया है। कमलनाथ ने एएनआई से कहा है कि हर महीने के पहले कार्य दिवस पर सुबह 10:45 बजे भोपाल में शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च के दौरान पुलिस बैंड उन धुनों को बजाएगा जो देशभक्ति की भावनाओं को प्रोत्साहित करती हैं। भवन पर पहुंचने के बाद राष्ट्रगान और वंदे मातरम गाया जाएगा। बुधवार को कमलनाथ ने कहा था कि वंदे मातरम की नई व्यवस्था एक दो दिन में सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा था कि कभी मंदिर तो कभी वंदे मातरम् पर राजनीति की जा रही है। इसकी वजह निंदा करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा था कि अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती है, तो मुझे बता दें! हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम् मैं गाऊंगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शायद यह भूल गई है कि सरकारें आती है, जाती है लेकिन देश और देशभक्ति से ऊपर कुछ नहीं है। मैं मांग करता हूं कि वंदे मातरम् का गान हमेशा की तरह हर कैबिनेट की मीटिंग से पहले और हर महीने की पहली तारीख को हमेशा की तरह वल्लभ भवन के प्रांगण में हो। जय हिंद! कमलनाथ ने कहा था कि यह निर्णय ना किसी एजेंडे के तहत लिया गया है और ना ही हमारा वंदेमातरम गान को लेकर कोई विरोध है। उन्होंने कहा था कि वंदेमातरम हमारे दिल की गहराइयों में बसा है। हम भी समय-समय पर इसका गान करते है। उन्होंने कहा कि इसे वापस प्रारंभ करेंगे, लेकिन एक अलग रूप में। उन्होंने कहा कि हमारा यह भी मानना है कि सिर्फ एक दिन वंदेमातरम गाने से किसी की देशभक्ति या राष्ट्रीयता परिलिक्षित नहीं होती है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति व राष्ट्रीयता को सिर्फ एक दिन वंदेमातरम गान से जोड़ना गलत है। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाला हर नागरिक देशभक्त, राष्ट्र भक्त है। उससे किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र लेने की और ना उसे किसी को देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पर राजनीति ना करे। हम इसे नए रूप में शीघ्र निर्णय लेकर लागू करेंगे।

संवाददाता आकाश कौरव

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