पौष पूर्णिमा के दिन संगम की पवित्र धारा में 1 करोड़ 7 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई

पौष पूर्णिमा के दिन संगम की पवित्र धारा में 1 करोड़ 7 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई सोमवार को पौष पूर्णिमा के दिन संगम की पवित्र धारा में 1 करोड़ 07 लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इस प्रकार पौष पूर्णिमा का स्नान सकुषल सम्पन्न हो गया। यह जानकारी मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने काली रोड स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया से बातचीत करते हुए दी। उन्होंने बताया कि सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। उन्होंने यह भी बताया कि कुम्भ मेला क्षेत्र में अभी तक 10 लाख से अधिक कल्पवासी आ चुके हैं।

इस वर्ष के कुम्भ मेले में कल्पवासियों के सुख सुविधा में 4 गुना की वृद्धि की गयी है। मेला अधिकारी ने यह भी बताया कि 24 जनवरी को 3000 से अधिक प्रवासी भारतीय कुम्भ मेला में आयेंगे जो हमारे लिए गौरव की बात है। यह बहुत बड़ा इवेंट है और उनके लिए पूरी व्यवस्था किया गया है। प्रवासी भारतीय अक्षय वट, पातालपुरी, किला घाट से लेकर संगम नोज़, अरैल जायेंगे और संगम में स्नान करेंगे। मेला अधिकारी ने प्रवासी भारतीयों के भ्रमण एवं संगम पर स्नान के दृष्टिगत श्रद्धालुओं एवं आमजन से अनुरोध किया है कि वे मेला में आमंत्रित सम्मानित प्रवासी भारतीय अतिथियों के आगमन, प्रोटोकाॅल एवं सुरक्षा में सहयोग करें।

उल्लेखनीय है कि प्रवासी भारतीयों के लिए 24 जनवरी को सुरक्षा के मद्देनज़र सेक्टर नं.- 5, 6, 7 एवं झूॅसी क्षेत्र में स्थित गंगा नदी के समस्त स्नान घाट आमजन एवं श्रद्धालुओं के आवागमन एवं स्नान के लिए खुले रहेंगे। इसके अलावा अक्षयवट, पातालपुरी, किलाघाट से लेकर संगम नोज़ तक के स्नान घाट एवं अरैल क्षेत्र के वी.आई.पी. घाट से लेकर टेण्ट सिटी तक के स्नान घाट आमजन एवं श्रद्धालुओं के आगमन व स्नान के लिए प्रतिबन्धित रहेगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को मार्ग की जानकारी के लिए और अधिक साइनेजेज लगाये जा रहे हैं जिससे श्रद्धालुओं की किसी भी तरीके की असुविधा न हो और जो जिस जोन से आयेंगे वे उसी जोन में स्नान करें, इससे एक जोन पर अधिक भार नहीं पडेगा। मेला अधिकारी ने यह भी बताया कि ऐसा पहली बार किया जा रहा है कि संस्थाओं/कल्पवासियों का सर्वे करा कर कम्प्यूटराइज्ड डाटाबेस भी तैयार कराया जायेगा.

By-Kailash Singh

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