पहले चरण के बाद दूसरे में भी गठबंधन रूला रहा है मोदी की भाजपा को यूपी में

लखनऊ से तौसीफ़ क़ुरैशी
राज्य मुख्यालय लखनऊ।पहले चरण के बाद 18 अप्रैल को होने जा रहे दूसरे चरण के मतदान में भी बसपा-सपा व रालोद का गठबंधन मोदी की भाजपा को ख़ून के आँसू रूला रहा साथ ही दो सीटें फ़तेहपुर सीकरी और मथुरा पर बड़े चेहरे मैदान में है फ़तेहपुर सीकरी से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष फ़िल्मी स्टार राजबब्बर तो मथुरा सीट से फ़िल्मी एक्ट्रस डीर्मगल शोले फ़िल्म की बसंती मोदी की भाजपा से चुनाव मैदान में है मथुरा में अगर देखा जाए तो इस बार बसंती ने सिर्फ़ जय को छोड़कर पूरी शोले फ़िल्म को बुला लिया है लगता है इस बार बसंती का चुनाव गठबंधन की वजह से फँस गया।अमरोहा , अलीगढ़ , बुलंदशहर , नगीना  आगरा व हाथरस पर दूसरे दौर में मतदाता अपने मत का प्रयोग कर देश की सबसे बडी पंचायत के लिए अपना प्रतिनिधि चुनेंगे।पहले चरण के मतदान ने मोदी की भाजपा की हवा निकाल दी थी लाख प्रयास के बाद भी ध्रुवीकरण नही हो पा रहा है मोदी योगी दोनों ने भरपूर्व कोशिश की लेकिन हुआ कुछ नही गठबंधन को हिन्दू मुसलमान सब वोट मिल रहे है जो मोदी की भाजपा के लिए नुक़सानदेह माना जा रहा है साथ ही गोदी मीडिया भी लगा है ध्रुवीकरण कराने के लिए परन्तु अब तक हुआ नही।पिछली आठ सीटों में से जानकारों का मानना है कि आठ की आठ सीट गठबंधन जीत रहा है अगर यही वाला मतदान इन आठ सीटों पर भी हुआ तो ये मोदी की भाजपा के लिए अच्छे संकेत नही है अब तो सियासी जानकार गठबंधन को 60-65 सीट जाने की बात करने लगे है उनका तर्क है कि जिस तरीक़े से मोदी की भाजपा के विरोध में वोट एकजुट होकर जा रहा है उससे यही संकेत प्राप्त हो रहे है कि गठबंधन ने यूपी में मोदी की भाजपा को महज़ कुछ सीटों तक ही सीमित कर दिया है इनका यहाँ तक कहना है कि गोरखपुर सीट मोदी की भाजपा इस बार भी हारने जा रही है जबकि 2014 में यूपी की अब तक 8 सीटों पर मतदान हो चुका और 8 सीटों पर 18 अप्रैल को होने जा रहा है पिछली भी और अबकी भी 16 की 16 सीट मोदी की भाजपा के पास थी देखना यह है कि इस बार मोदी की भाजपा कितनी सीटें बचाने में कामयाब होती है या पूरी 16 सीटें खोने जा रही है मोदी की भाजपा जिसके ज़्यादा चांस है कि शायद मोदी की भाजपा इन 16 सोटो में से एक भी सीट न जीत पाए।अमरोहा लोकसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट मानी जाती है यहाँ पर मुस्लिम पाँच लाख पचास हज़ार है ,दलित वोट ढाई लाख है ,कश्यप वोट एक लाख , गुर्जर वोट एक लाख ,ढेढ लाख जाट व 55 हज़ार वोट लोध के है यह सीट मेरठ मुरादाबाद व सम्भल सीटों से सटी हुई है यहाँ गठबंधन की और से बसपा ने जनता दल एस के नेता कुँवर दानिश अली को मैदान में उतारा है ये पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवागोडा के क़रीबी है उनके कहने पर ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने इन्हें प्रत्याशी बनाया है वही मोदी की भाजपा ने अपने वर्तमान सांसद कुँवर तंवर पर ही दाँव लगाया है तो कांग्रेस ने राशिद अल्वी के द्वारा चुनाव लड़ने से मना करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में हुए घोटाले के विरूद्ध आन्दोलन करने वाले सचिन चौधरी पर भरोसा किया है।अलीगढ़ लोकसभा सीट से मोदी की भाजपा ने अपने सांसद सतीश गौतम पर ही दाँव लगाया है बसपा ने गठबंधन प्रत्याशी अजित बालियान को बनाया है तो कांग्रेस ने चौधरी बिजेन्द्र को प्रत्याशी बनाया है इस सीट पर भी गठबंधन प्रत्याशी को मजबूत बताया जा रहा है।मथुरा सीट यूपी की हाट सीट मानी जा रही है यहाँ से मोदी की भाजपा ने शोले फ़िल्म में वीरू की बसंती यानी हेमा मालनी को ही प्रत्याशी बनाया है वो यही से सांसद भी थी 2014 में वीरू की बसंती ने बिना शोले फ़िल्म दिखाए रालोद के युवा नेता जयंत चौधरी को हराया था मोदी लहर में क्योंकि इस बार मोदी लहर तो है नही इस लिए वीरू की बसंती को शोले फ़िल्म दिखानी पड़ रही है क्योंकि इस बार वीरू भी बसंती के लिए वोट माँग रहे है बस जय की कमी है नही तो हक़ीक़त में ही पूरी शोले फ़िल्म मथुरा में बसंती को चुनाव लड़ा रही होती यहाँ वोटो का गणित गठबंधन को मज़बूती दे रहा है इसी लिए बसंती ने वीरू को भी मैदान में उतार दिया अब देखना ये होगा कि बसंती की वीरू को मैदान में उतारने की स्ट्रेटेजी कितनी कामयाब होती है।यहाँ रालोद के असर वाले वोट जाटों की संख्या चार लाख है और दलित ढाई लाख है , एक लाख पचास हज़ार मुस्लिम है ,ढाई लाख ब्राह्मण है और ढाई लाख ठाकुर वोट है। कांग्रेस ने यहाँ पंडित महेश पाठक को मैदान में उतारा है और गठबंधन ने यह सीट रालोद को दी है इस लिए रालोद ने नरेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है नरेन्द्र सिंह यहाँ ठाकुर के अलावा मुसलमान , दलित व जाट वोट लेते दिखाई दे रहे है इस लिए लगता नही इस बार बसंती मथुरा से सांसद बन पाए।नगीना लोकसभा सीट सु. पर मुक़ाबला बड़ा दिलचस्प होता जा रहा है यहाँ गठबंधन ने गिरीश चन्द्र को प्रत्याशी बनाया है मोदी की भाजपा ने अपने सांसद यशवंत सिंह को ही प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने पूर्व आईएएस की पत्नी अोमवती पर दाँव लगाया है यहाँ भी दलित-मुस्लिम का समीकरण भारी पड़ रहा है इस सीट पर छह लाख मुसलमान वोट मोदी की भाजपा के लिए सिर का दर्द बने हुए है दलितों के साथ मिलकर ये वोट मोदी की भाजपा के प्रत्याशी के सर से जीत का ताज उतार गठबंधन के प्रत्याशी गिरीश चन्द्रा के सर पर सज़ा सकते है।फ़तेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर मुक़ाबला कड़ा हो रहा है यहाँ गठबंधन के प्रत्याशी गुडू पंडित को बनाया है इनको कांग्रेस के प्रत्याशी राजबब्बर से कड़ी चुनौती मिल रही है मोदी की भाजपा ने यहाँ अपने वर्तमान सांसद बाबूलाल चौधरी को बे टिकट कर राजकुमार चहेर को टिकट दिया है यहाँ कांग्रेस ने राजबब्बर को मैदान में उतारकर दोनों के समीकरण बिगाड़ दिए है क्योंकि यहाँ पहले से ही राजबब्बर की काफ़ी मजबूत पकड़ मानी जाती है।आगरा सु. लोकसभा सीट पर बसपा ने मनोज सोनी व मोदी की भाजपा ने एस पी सिंह बघेल को उतारा है कांग्रेस ने प्रीता हरित को मैदान में उतारा है यहाँ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर काफ़ी असर अंदाज बताए जाते है क्योंकि राजबब्बर यहाँ से एक बार सांसद रह चुके है।एस पी सिंह बघेल को मोदी की भाजपा सपा से लेकर आई है।बुलंदशहर सु.सीट पर मुक़ाबला बहुत ही रोचक मोड़ पर पहुँच गया है गठबंधन ने आरक्षण को लेकर किए गए आन्दोलन में जेल गए मेरठ नगर निगम की मेयर के पति पूर्व विधायक योगेश वर्मा को प्रत्याशी को बनाया है जो सब पर भारी पड़ रहे है वही कांग्रेस ने बंसी सिंह पाहडिया को प्रत्याशी बनाया है तो मोदी की भाजपा के प्रत्याशी मोदी मैजिक के सहारे चुनाव जीतने की फ़िराक़ में है जो इस समय नही है।कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि गठबंधन पूर्व के चरण की तरह दूसरे चरण में भी मोदी की भाजपा पर भारी पड़ता दिख रहा है और जैसे-जैसे चुनाव का चरण आगे पूरब की और बढ़ता जाएगा तो गठबंधन मोदी की भाजपा के लिए और ज़्यादा ख़तरनाक साबित होता जाएगा क्योंकि इसमें और एक वोट यादव पल्स हो जाएगा जो मोदी की भाजपा के लिए सियासी तौर पर ठीक नही होगा इस लिए सियासी पंडित अब गठबंधन को बहुत ज़्यादा बढ़त दे रहे है कुछ का तो कहना है कि ऐसा भी हो सकता है कि मोदी की भाजपा आठ से दस सीट पर ही सिमट जाए या इससे भी कम हालात गठबंधन के पक्ष में जा रहे है।

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