69 वर्षीय शख्स की उम्र कम करने की अर्जी पर कोर्ट ने कहा यह संभव नहीं, जवान महसूस करने को स्वतंत्र

हेग। डेनमार्क की एक अदालत में मोटिवेशनल स्पीकर एमिल रेटलबैंड ने अपनी उम्र 20 साल कम करने के लिए याचिका लगाई। 69 साल के इस व्यक्ति ने कोर्ट में दलील दी कि वह अपनी उम्र से 20 साल युवा महसूस करते हैं, इसलिए सर्टिफिकेट में दर्ज उनकी उम्र को कम कर दिया जाए। हालांकि, कोर्ट ने उनकी अपील ठुकराते हुए कहा कोर्ट ऐसा आदेश देने में असमर्थ है, लेकिन वह मानसिक तौर पर खुद को युवा महसूस कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा 69 साल के एमिल की आधिकारिक उम्र 20 साल कम नहीं की जा सकती। हालांकि, उन्हें इसका पूरा अधिकार है कि वह खुद को अपनी उम्र से 20 साल कम समझें और उसके अनुसार ही व्यवहार करें। उनकी आधिकारिक उम्र 20 साल कम करने का आदेश हम नहीं दे सकते हैं, क्योंकि इससे उनकी उम्र, शादी की तारीख, हाई स्कूल सर्टिफिकेट आदि सबमें बदलाव करना होगा, जो कि एक जटिल कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया है।

अदालत में दायर अपनी अपील में एमिल ने कहा कि वह अपनी उम्र से खुद को 20 साल कम मानते हैं। उन्हें कभी भी 69 साल के बुजुर्ग जैसा अनुभव नहीं होता। उनकी उम्र कम करने की गुजारिश डच नियमों जैसे नाम बदलने आदि से ही जुड़ी है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जा सकता। डच कानून में उम्र के आधार पर ही स्कूल में दाखिला, विवाह या वोट देने का अधिकार मिलता है। अगर इस तर्क को स्वीकार कर लिया गया तो ऐसे सभी कानून अर्थहीन हो जाएंगे। कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमिल रेटलबैंड ने कहा कि कोर्ट के फैसले को सभी अर्थ में समझना चाहिए। उन्होंने कहा यह कई अर्थों में शानदार फैसला है। कोर्ट ने फैसला देते हुए कई पक्षों की व्याख्या की, जिसके आधार पर भविष्य में अपील को लेकर लोग स्पष्ट होंगे।

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