श्रीलंका: संदिग्धों के ठिकानों पर सख्त प्रहार, सुरक्षाबलों की गोलियों से 15 ढेर

श्रीलंका में सीरियल बम धमाकों से तबाही मचाने वालों की धरपकड़ की जा रही है. स्थानीय जांच एजेंसी संदिग्धों को पकड़ने के लिए मैराथन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और अब तक 75 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसी कड़ी में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार शाम ईस्टर्न प्रांत में एक ठिकाने पर रेड की. इस दौरान यहां एक संदिग्ध ने खुद को बम से उड़ा लिया, साथ ही सुरक्षाबलों की फायरिंग में 15 संदिग्धों की मौत भी खबर है.

बताया जा रहा है कि ईस्टर्न प्रांत के इस इलाके में सुरक्षाबलों का सामना भारी हथियारबंद लोगों से हुआ. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कोलंबो से 325 किलोमीटर दूर तटीय शहर सम्मनतुरई में गोलीबारी के दौरान कम से कम एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को विस्फोट कर उड़ा लिया. साथ ही सुरक्षाबलों की फायरिंग में 15 हथियारबंद संदिग्धों की भी मौत हो गई. पुलिस ने कहा कि उन्होंने विस्फोटकों का बड़ा जखीरा, एक ड्रोन और इस्लामिक स्टेट के लोगो वाला एक बैनर जब्त किया है.

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, श्रीलंका में आईएस के सदस्यों को दर्शाने वाले एक वीडियो में जिस तरह का पहनावा पहना गया था, वे छापे में मिले वीडियो में दिखी आईएस की पृष्ठभूमि से मिलता जुलता था.

253 लोगों की मौत वाली इस दर्दनाक घटना पर शुक्रवार को श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि आईएसआईएस से जुड़े स्थानीय आतंकवादी संगठनों की ओर से पेश किए जा रहे खतरों से निपटने के लिए देश को नए कानून की जरूरत है. विक्रमसिंघे ने कहा कि आतंकवाद को मदद करने पर परिभाषा बेहद संकीर्ण है. इसलिए, इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कानून मजबूत नहीं है.

बता दें, 21 अप्रैल को ईसाई समुदाय के पर्व ईस्टर के मौके पर श्रीलंका के अलग अलग इलाकों में चर्चों को बम धमाकों से दहला दिया गया था, और इन हमलों में 253 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि सैकड़ों की तादाद में लोग जख्मी हुए थे. हमले के बाद एक तस्वीर सामने आई थी, जिसे आईएस द्वारा जारी बताया गया है.

इसके बाद जांच में जुटी स्थानीय पुलिस ने गुरुवार को कुछ संदिग्धों के नाम और फोटो जारी कर उनके बारे में जनता से जानकारी मांगी है. साथ ही संदिग्धों की गिरफ्तारी भी की जा रही हैं. हालांकि, इन हमलों की जिम्मेदीरी आईएसआईएस ने ली है, लेकिन स्थानीय संगठनों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. जिसके चलते तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं पाई है कि आखिर इस दर्दनाक हमले को किसने अंजाम दिया है.

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