पाकिस्तान को मुश्किल है IMF का बेलआउट पैकेज मिलना? अमेरिकी सांसदों ने किया विरोध

वॉशिंगटन: अमेरिका के 3 प्रभावशाली सांसदों ने पाकिस्तान के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इन सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से पाकिस्तान द्वारा प्रस्तावित बहु-अरब डॉलर के ‘बेलआउट पैकेज’ का विरोध करने का आग्रह किया है। सांसदों का कहना है कि पाकिस्तान इस पैसे का इस्तेमाल चीन का कर्ज चुकाने के लिए कर सकता है। द्विदलीय समूह के 3 सांसद टेड याहू, अमी बेरा और जॉर्ज होल्डिंग ने वित्त मंत्री स्टीन मनुचिन और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को लिखी एक चिट्ठी में यह मांग की है।

रिपोर्टस के मुताबिक, सांसदों ने इस पत्र में इस बात को लेकर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की कि पाकिस्तान IMF ‘बेलआउट पैकेज’ का इस्तेमाल चीन का ऋण उतारने के लिए कर सकता है। पाकिस्तान ने ‘चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे’ (सीपेक) के तहत चीन से कर्ज लिया है। सांसदों ने 15 अप्रैल को लिखे पत्र में कहा, ‘चीनी अवसंरचना परियोजनाओं से प्राप्त ऋण को लौटाने के लिए पाकिस्तान सरकार के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से ‘बेलआउट पैकेज’ की मांग को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।’ उन्होंने कहा कि चीन CPEC के तहत पाकिस्तान में 62 अरब डॉलर निवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘इसकी ऋण अदायगी और लाभ प्रत्यावर्तन की शर्तें उजागर नहीं हैं और इससे पाकिस्तान में काफी चिंताएं उत्पन्न हैं। चीन की ऋण-जाल कूटनीति का खतरनाक उदाहरण यह है कि, श्रीलंका उस चीनी ऋण पर भुगतान करने में असमर्थ हो गया जो उसने हंबनटोटा बंदरगाह विकास परियोजना के लिए लिया था।’ उन्होंने कहा कि इसके बाद चीन के अत्यंत दबाव बनाने पर श्रीलंका को अंततः बंदरगाह के चारों ओर 1,500 एकड़ जमीन को 99 साल के पट्टे के लिए उसे सौंपना पड़ा था। 

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