World Update: कृत्रिम सूरज बनाने के प्रयास में चीन

बीजिंग। आपको यह सुनकर हैरानी होगी पर यह सही है कि चीन कृत्रिम सूरज बनाने के प्रयास में है। सबसे अहम बात यह है कि यह कृत्रिम सूरज कई गुना बड़ा होगा। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चीन की एकेडमी ऑफ साइंस से जुड़े इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाजमा फिजिक्स के अनुसर इस सूरज की टेस्टिंग जारी है। इसे एक्सपेरिमेंटल एडवांस्ड सुपरकंडक्टिंग टोकामक (ईस्ट) नाम दिया गया है। जहां असली सूरज का कोर करीब 1.50 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक गरम होता है, वहीं चीन का यह नया सूरज 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक की गरमी पैदा कर सकेगा। चीन स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने के लिए कृत्रिम सूरज के निर्माण में लगा है। इसे बिल्कुल असली सूरज की तरह डिजाइन किया गया है। यह सौर मंडल के मध्य में स्थित किसी तारे की तरह ही ऊर्जा का भंडार उपलब्ध कराएगा।

आने वाले समय में यह तकनीक स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने का अहम स्रोत साबित हो सकती है। दुनिया में इस वक्त न्यूक्लियर फिजन (परमाणु संलयन) के जरिए ऊर्जा पैदा की जा रही है हालांकि, इसकी वजह से पैदा होने वाला जहरीला न्यूक्लियर कचरा इंसानों के लिए काफी खतरनाक है।

चीन पहले ही रोशनी के नए स्रोत के तौर पर आसमान पर कृत्रिम चंद्रमा बनाने की बात कह चुका है। इसके जरिए वैज्ञानिक रात को देश की सड़कों को रोशन करना चाहते हैं। इसके लिए कुछ बड़े सैटेलाइटों का इस्तेमाल किया जाएगा जो ऊर्जा भी बचाने का काम करेगा। यह 2022 तक लॉन्च किया जा सकता है।

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