यात्री वाहनों की बिक्री बढ़ने की रफ्तार 5 साल में सबसे कम,

 

  • 2018-19 के आंकड़े जारी हुए, यात्री वाहनों की बिक्री में 2.7% का इजाफा
  • 5 साल का रिपोर्ट कार्ड: यात्री वाहनों की बिक्री में सबसे ज्यादा 7.89% की बढ़ोतरी 2017-18 में हुई थी

ऑटो डेस्क. 2018-19 ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए बेहद खराब रहा। पिछले साल यात्री वाहनों की बिक्री पांच साल की सबसे कम रफ्तार, 2.7% की दर से बढ़ी है। 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष में कुल 33.77 लाख यात्री वाहन बिके। इससे पिछले वर्ष में 32.88 लाख वाहन बिके थे। दोपहिया और कुल वाहनों की बिक्री भी तीन साल की सबसे कम रफ्तार से बढ़ी। दोपहिया की बिक्री में 4.9% ग्रोथ देखने को मिली। पिछले साल 2.12 करोड़ दोपहिया बिके। 2017-18 में 2.02 करोड़ बिके थे। कुल वाहनों की बिक्री में 5.2% की ग्रोथ रही। 2018-19 इसका आंकड़ा 2.63 करोड़ तक पहुंचा। यह जानकारी ऑटोमोबाइल कंपनियों के संगठन सियाम की ओर से जारी ताजा आंकड़ों से सामने आई है।

वर्ष 2017-18 में दोपहिया की बिक्री 14.80% बढ़ी थी 

सेगमेंट 2014-15 2015-16 2016-17 2017-18 2018-19
यात्री वाहन 3.90% 7.23% 9.26% 7.89% 2.72%
दोपहिया 7.89% 3.01% 6.89% 14.80% 4.90%
कुल बिक्री 7.06% 3.78% 6.81% 14.23% 5.19%

दाम में बढ़ोतरी और कर्ज में कमी आने से घटी रफ्तार

  • गाड़ियां बनाना महंगा होने से कंपनियों को दाम बढ़ाने पड़े।
  • 3-5 साल का मोटर बीमा अनिवार्य होने से बीमा खर्च बढ़ा।
  • कर्ज देने वाली कंपनियां पैसा नहीं होने से कर्ज नहीं बांट पाईं।

इस साल यात्री वाहनों की बिक्री 3-5% बढ़ सकती है

सेगमेंट अनुमान
यात्री वाहन 3-5%
दोपहिया 5-7%
तिपहिया 7-9%
कॉमर्शियल 10-12%

गाड़ियों का निर्यात 14.50% बढ़ा 

  • 9.64% गिरावट यात्री वाहनों के निर्यात में।
  • 16.55% बढ़ा दोपहिया वाहनों का निर्यात।
  • 3.17% बढ़ा कॉमर्शियल वाहनों का निर्यात।
  • 49% वृद्धि तिपहिया वाहनों के निर्यात में।

2.96% घट गई मार्च महीने में यात्री वाहनों की बिक्री 

  • 6.87% गिरावट आई कारों की बिक्री में
  • 17.31% गिरावट आई दोपहिया बिक्री में
  • 14.27% घटी मोटर साइिकल बिक्री
  • 14.21% घटी सभी तरह के वाहनों की बिक्री

कार और टू-व्हीलर पर जीएसटी घटाकर 18% करने की मांग 
ऑटोमोबाइल कंपनियों के संगठन सियाम ने कार-एसयूवी और टू-व्हीलर पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने की मांग की है। इसका कहना है कि प्रदूषण और सुरक्षा के नए मानक लागू होने से गाड़ियों के दाम 10-15% तक बढ़ जाएंगे। खरीदारों को यह महंगा न पड़े, इसलिए टैक्स घटाया जाना चाहिए। अभी गाड़ियों पर 28% जीएसटी लगता है। इसके अलावा लंबाई और इंजन की क्षमता के अनुसार 1% से 15% तक सेस भी लगता है।
सियाम प्रेसिडेंट राजन वढेरा ने कहा, दाम बढ़ने पर डिमांड घटने का डर है। डिमांड घटेगी तो सरकार का टैक्स कलेक्शन भी कम हो जाएगा।

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