सरकार का काम मंदिर मस्जिद बनवाना नहीं है, देश का संविधान धर्मनिरपेक्षता का है–उपेंद्र कुशवाहा।

 

मोतिहारी,6-12-18,अशोक वर्मा ।

जब चुनाव नजदीक आता है तब राम मंदिरका मुद्दा उठता है।देश को बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने संविधान दिया है और उसमें जो नीति बनाई गई उसके अनुसार भारत का आधार धर्मनिरपेक्षता है।सरकार का काम देश की जनता को मूलभूत सुविधा उपलब्घ कराना है,न कि मंदिर मस्जिद निर्माण करना है।यह बातें नगर के राजेंद्र नगर भवन के मैदान मे आयोजित राष्ट्रीय लोक समता पाटीॅ की राजनैतिक चिंतन शिविर मे आये विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए दल के सुप्रिमो एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कही।ऐसी संभावना थी कि कुछ दिनो से केंद्र सरकार से नाराज चल रहे कुशवाहा इस सभा मे केंद्र सरकार से नाता तोडने की घोषणा करेंगे ,लेकिन श्री कुशवाहा ने केंद्र सरकार की आलोचना काफी हलके रूप मे करके विहार सरकार पर जमकर बरसे।ऐसा लगा मानो सभा का उद्देश्य नीतीश कुमार का विरोध मात्र था।केंद्रीय मंत्री  ने कहा कि विहार की शिक्षा व्यवस्था पुरी तरह से चौपट है।एक तो शिक्षक बहाली प्रक्रिया गलत थी उसमें भी जो अच्छे शिक्षक हैं उनको खीचडी बनवाकर बच्चो को खिलानेका काम दे दिया गया है,और जो काफी कमजोर शिक्षक हैं,वे क्या पढाते होंगे  आप सभी समझ सकते  हैं। वैसे विहार की चौपट शिक्षा व्यवस्था की हीं उपज वे शिक्षक हैं। इसमें उनका कोई दोष नहीं है।मैंने डेढ वर्ष पहले 25 सूत्री शिक्षा सुधार का प्रस्ताव नीतीश जी को दिया था ,लेकिन उसपर कोई भी पहल नही हुई।मंत्री  ने कहा कि प्रस्ताव मे यह था कि जो अच्छे शिक्षक हैं उनको सिर्फ पढाने का काम दिया जाय शेष शिक्षकों का वैसे विभाग मे समायोजन कर दिया जाय जहां पढाने का कोई काम नहीं हो। खींचडी और भवन निर्माण किसी दुसरे एजेंसी को दे दी जाय।शिक्षक सविॅस कोड मे स्पष्ट है कि शिक्षकों  से कोई अन्य काम नहीं लेना है।उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर बरसते हुए कहा कि पहले की पंद्रह वर्ष की सरकार को जंगल राज कहकर नीतीश कुमार सत्ता मे आयें,लेकिन अब तो उनकी सरकार भी तो पंद्रह वर्ष की हो गई है।इस सरकार की स्थिति तो पहले के पंद्रह वर्षीय सरकार से बदतर है।इनके कार्यकाल मे हत्या ,बलात्कार आदि आम बात है।मुजपफरपुर गृह मे बच्चियों महिलाओं के साथ कितने घृणित कार्य हुए जिससे विहार की छवि धुमिल हुई।केंद्रीय मंत्री ने अपनी हीं सरकार से हुए कष्ट पर कहा कि मैंने छात्र जीवन मे समतामूलक समाज निर्माण की सपना देखी थी उसकेलिए जेपी,लोहिया,कपुॅरी ठाकुर को अपना आदर्श माना,लेकिन लंबे समय के बाद आज भी  मेरा सपना अधुरा हीं है।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित साह ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पास मेरे लिए समय नहीं है।श्री कुशवाहा ने प्रतियोगिता परीक्षा से जज बहाली पर जोर दिया।उनहोंने कहा कि अब महा संग्राम होगा।सभा मे दल के राष्ट्रीय और प्रदेश के काफी नेता शामिल हुए।शामिल होने वालों  मे नागमणि ,भूदेव चौधरी ,राम कुमार शर्मा ,राम विहारी सिंह,शंकर झा आजाद,राजेश यादव,सुरेंद्र कुशवाहा,नचिकेता मंडल,मालती कुशवाहा,डा० संतोष कुमार,म०फैजल,सुभाष कुशवाहा,एवं अन्य स्थानीय नेता थे।मंच पर आते केंद्रीय मंत्री  ने हाथ उठाकर सभी का अभिवादन किया और स्वागत एवं सम्मान के बाद बाबासाहब भीमराव अंबेडकरके चित्र पर माला चढ़ाया उसके बाद सभा का विधिवत दीप प्रज्वलित कर उनहोंने उद्घाटन किया।

WhatsApp chat