पुलवामा हमला: दिग्विजय की सिद्धू को नसीहत, ‘इमरान की वजह से आपको गाली पड़ रही है, उन्हें समझाएं’

पूरी दुनिया समेत भारत जब 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन प्यार का जश्न मना रहा था तब पाकिस्तान समर्थित जम्मू-कश्मीर के आतंकी ने 40 भारतीय पारा-मिलिट्री यानी सीआरपीएफ के जावनों की नृशंस हत्या कर दी.

नई दिल्ली: अक्सर अपने नेताओं की वजह से विवादों में घिर जाने वाली कांग्रेस के बयानवीर दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर पार्टी को मुश्किल में डालने वाला ट्वीट किया है. पाकिस्तान को लेकर पहले से विवादों में घिरे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़ा ये ट्वीट पार्टी और सिद्धू दोनों को ही बैकफुट पर धकेलने वाला है. दिग्विजय सिंह ने ऐसे दो ट्वीट्स किए हैं और उनमें सिद्धू से उनके दोस्त इमरान ख़ान को समझाने की गुहार लगाई है.

अपने पहले ट्वीट में सिंह ने लिखा है, “नवजोत सिंह सिद्धू जी अपने दोस्त इमरान भाई को समझाइए.” वो आगे लिखते हैं कि उनकी (इमरान ख़ान) वजह से सिद्धू को गाली पड़ रही है. रोमन में किए गए अपने इस ट्वीट के लिए दिग्विजय सिंह मुश्किल में पड़ सकते है और वो मुश्किल में पड़े या मत पड़ें, उन्होंने पार्टी और सिद्धू को तो मुश्किल में ज़रूर डाल दिया है.

आपको बता दें कि ख़ुद पर हो रहे हमलों के जवाब में सिद्धू ने सवाल उठाए हैं कि कंधार कांड के बाद मसूद अजहर को 1999 में कौन छोड़कर आया था. उनका ये हमला एनडीए की पिछली सरकार पर था जिसके प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे. इस दौरान वर्तमान सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उस टीम का हिस्सा थे जो जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मसूद अजहर को रिहा करके आए थे. मसूद अजहर वही आतंकी है जिसके संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

आपको ये भी बता दें कि पूरी दुनिया समेत भारत जब 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के दिन प्यार का जश्न मना रहा था तब पाकिस्तान समर्थित जम्मू-कश्मीर के आतंकी ने 40 भारतीय पारा-मिलिट्री यानी सीआरपीएफ जावनों की नृशंस हत्या कर दी. इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया और इसी का असर है जिसके लपेटे में सिद्धू समेत कई लोग आए हैं.

आपको बता दें कि पुलवामा हमले के बाद सिद्धू ने कहा था कि आतंकवाद का ना तो कोई धर्म होता है और ना ही कोई देश. उनके इस बयान की वजह से जमकर बवाल हुआ और सिद्धू को द कपिल शर्मा शो के जज का पद गंवाना पड़ा. इसके पहले भी करतारपुर कॉरिडोर के सिलसिले में और उसके पहले पाकिस्तान दौरे पर जाने वाले सिद्धू को सत्ताधारी पार्टी ने जमकर निशाना बनाया था. इन सारी वजहों से वो पाकिस्तान को लेकर लगातार विवादों में रहे हैं.

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