डूँगरपुर-बांसवाडा दोनो जिलों में एक मात्र महिला प्रत्याशी प्रकृति खराड़ी


#डूँगरपुर। विधानसभा चुनावों के बाद अब लोकसभा-2019 के चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है  4 फरवरी को डूँगरपुर-बांसवाडा लोकसभा प्रभारियों ने कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियो से उनके आवेदन लिए। मगर इस बार वागड के चुनावी फ़िज़ा में प्रकृति ने हलचल मचा दी है जो दोनो जिलों में एक मात्र प्रत्याशी है। जबकि दूसरे नम्बर पर महिला में चंद्रलेखा कलासुआ का नाम भी चल रहा है।

यूं तो भाजपा से पूर्व मंत्री कनकमल कटारा, सुशील कटारा, जीतमल खांट, प्रकृति खराड़ी, सांसद मानशंकर निनामा,  डॉ नितेश खांट, युवा नेता सत्यपाल रोत वासुदेव बरजोड़, हिम्मतराम कटारा, दिलीप कलासुआ, कारीलाल ननोमा, कांतिलाल डामोर, शंकर डेचा, मुकेश रावत
ने लोकसभा चुनाव में डूँगरपुर-बांसवाडा संसदीय सीट से दावेदारी प्रस्तुत की है।

मग़र यदि युवा नेतृत्व की बात की जाए तो डूँगरपुर-बांसवाडा दोनो ही जिलों में अपना दब-दबा रखने वाली पूर्व राज्य मंत्री प्रकृति खराड़ी का नाम सर्वाधिक चर्चा में है वहीँ महिला होने के नाते महिलाओं में ख़ासी पकड़ है जिसके चलते उनके नाम पर सहमति बन सकती है। शिक्षा में एम.ए. एल.एल.बी. एल.एल.एम. पीएचडी होने के साथ जनजाति आयोग की अध्यक्ष रहते राज्य मंत्री का दर्जा भी मिला था  वहीं आसपुर विधानसभा से वर्ष 1998 में विधायक का चुनाव भी लड़ चुकी है जहां उन्हें अब तक सर्वाधिक मत प्राप्त हुए थे।

राजनीति का भी लम्बा अनुभव होने यही नही डूँगरपुर के सुराता में जन्म और बांसवाडा के घाटोल में ससुराल होने से दोनो जिलों में मजबूत पकड़ है। प्रकृति के पति महावीर खराड़ी (आर. ए. एस.) है जो डूँगरपुर में भी उपखण्ड अधिकारी रह चुके है। प्रकृति आदिवासी समाज के साथ ही 36 कोमो को साथ लेकर चलने वाली युवा नेत्री है जो राजनीति के साथ ही समाज सेवा में भी पीछे नही। उनका माही सागर फाउंडेशन ग़रीब बच्चो के लिए शिक्षा के क्षेत्र में भरपूर योगदान दे रहा है यही नही वें स्वयं भी जाकर बच्चो को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। अगर भाजपा ने लोकसभा चुनाव में प्रकृति को प्रत्याशी बनाया तो दोनों जिलों का जहां लाभ मिलेगा। वहीँ सागवाड़ा व चौरासी विधानसभा में भाजपा का खोया धरातल को वापस मजबूत कर सकती है.

By-Kailash Singh

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