पाकिस्तान / मसूद अजहर का बेटा-भाई हिरासत में, भारत ने कहा- ये आतंकियों की हिफाजत का बहाना

 

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में मंगलवार को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई और बेटे समेत 44 आतंकियों को हिरासत में लिया। मसूद अजहर का भाई अब्दुल असगर पुलवामा हमले में आरोपी है। पाक सरकार ने आतंकी निरोध एक्ट-1997 के तहत मुंबई हमले के आरोपी आतंकी हाफिज सईद के संगठनों जमात उद दावा और फलाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध लगा दिया।

इस कार्रवाई पर भारत ने कहा कि आतंकियों को आतंक निरोधी कानून के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया, उन्हें केवल हिरासत में लिया गया, यह आतंकियों की हिफाजत के लिए पाक का नया छलावा है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा अफसर ने बताया कि संभव है कि भारत की बालाकोट में आतंकियों पर कार्रवाई के डर से इन आतंकियों को हिरासत में लिया गया हो। यह आतंकियों को सुरक्षा देने की कोशिश भी हो सकती है।

यह कार्रवाई पाक के हित में- शहरयार अफरीदी

पाक विदेश राज्य मंत्री शहरयार अफरीदी ने बताया कि प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों को हिरासत में लिया। इनमें मसूद अजहर का भाई अब्दुल असगर और बेटा हमजा अजहर भी शामिल है। अफरीदी ने बताया कि आतंकियों के खिलाफ यह कार्रवाई किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं, बल्कि देश के हित के लिए है। आतंकियों पर इस तरह की कार्रवाई दो हफ्तों तक जारी रहेगी। यह कार्रवाई आश्वस्त करती है कि पाकिस्तान की धरती को किसी भी आतंकी गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।

भारत सबूत दें हम कार्रवाई करेंगे- संयुक्त राष्ट्र में पाक 

संयुक्त राष्ट्र में पाक की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने मंगलवार को कहा कि भारत ने एक डोजियर भेजा है, जिसे हम देख रहे हैं। अगर इसमें कुछ ठोस मिलता है, तो ही हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला तो हम कुछ नहीं करेंगे। इससे पहले पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कहा था कि इस हमले की किसी भी तरह की जांच के लिए हम तैयार हैं और अगर ठोस सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

पाक ने प्रतिबंधित संगठनों की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया 
इससे पहले सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति के द्वारा प्रतिबंधित सभी संगठनों की संपत्ति सीज करने का आदेश दिया था। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि अब प्रतिबंधित संगठनों की सारी संपत्ति पर सरकार का नियंत्रण होगा। इसमें उनकी चंदा जुटाने की प्रक्रिया और एम्बुलेंस सेवा भी शामिल है।

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