आरक्षण विरोधी मुहिम “पोस्टकार्ड क्रांति” के साथ दिल्ली पहुंच रही आंदोलन की आग।

आरक्षण के मुद्दे पर सवर्ण समाज काफी गरम होता जा रहा है। एक तरफ़ सरकार फिर से 10 वर्षों के लिए आरक्षण पर मुहर लगाने जा रही है, वही दूसरी तरफ सवर्णों ने कमर कस ली है हर हाल में आरक्षण नीति में बदलाव लाने की।

हाल ही में, आरक्षण मुक्त अभियान ने एक ‘पोस्टकार्ड क्रांति‘ नामक अभियान छेड दिया है। लाखों पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री कार्यालय भेजे जाने का संकल्प सवर्णों ने लिया है। हर हफ्ते हज़ारों पोस्टकार्ड मुंबई से दिल्ली भेजे जा रहे हैं। सैकड़ों आरक्षण विरोधी संगठनों ने इसका समर्थन देते हुए हज़ारों पोस्टकार्ड भिजवाने का फैसला भी किया है। सवर्ण आंदोलनकारी दीपक सारस्वत ने इस मुहिम को व्यापक रूप देते हुए हर सवर्ण तक पहुंचने का व जुड़ने का प्रयास किया है। मात्र दो दिन में ही सवर्ण एकता का ऐसा प्रभाव दिखा है कि 20000 से ज्यादा पोस्टकार्ड भेजे जा चुके हैं। इसी के साथ ही आरक्षण विरोधी संगठनों की विरोधक आग भी फैलती जा रही है।

कई सवर्ण सगठनों ने 10 व 15 नवम्बर को दिल्ली में प्रदर्शन का एलान भी किया है। मुख्य आंदोलनकारी लोगों के फैसले आने अभी बाकी है। अभी कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने भी भारी मात्रा में मध्यप्रदेश में कूच किया था। सरकार फिलहाल मौन है, परन्तु जल्दी ही इस पर संसद में चर्चा होने के आसार हैं।

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