सबरीमाला में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करना होगा थोड़ा और इंतजार

नई दिल्ली। श्रद्धालुओं को सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन करने के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल, पथानमथिट्टा जिले के कलेक्टर ने सबरीमला, निलक्कल और पम्बा क्षेत्रों में निषेधात्मक आदेश को अगले चार दिनों के लिए बढ़ा दिया है। कलेक्टर पी बी नूह ने पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्टों पर विचार करने के बाद आपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत जारी निषेधात्मक आदेश की अवधि बढ़ा दी है।
इस आदेश के बाद धारा 144 के तहत मंदिर के आसपास चार या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिला कलेक्टर ने बताया अधिकारियों द्वारा सौंपी गई विभिन्न रिपोर्टों पर विचार करने के बाद निषेधात्मक आदेशों को 26 नवम्बर की मध्य रात्रि तक बढ़ा दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि सबरीमाला मंदिर के पट दो माह के लिए खुलने के बाद से ही मंदिर में दर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसके बाद से ही यहां धारा 144 लागू थी। इस अवधि में वहां धरना प्रदर्शन आदि पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इधर केरल देवास्वम बोर्ड सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू कराने के लिए कोर्ट से कुछ और समय की मांग कर सकती है। वहीं महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ती देसाई सहित करीब 500 महिलाओं ने केरल पुलिस की वेबसाइट पर सबरीमला मंदिर के दर्शन के लिए पंजीकरण करवाया था। इसके बाद तृप्ती देसाई कोच्चि पहुंची थीं, लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनके खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया था।

भाजपा नेता एमएम गोपी ने कहा है कि तृप्ति देसाई को एयरपोर्ट के बाहर पुलिस या दूसरी किसी भी सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। अगर वह एयरपोर्ट से बाहर आईं तो उनके खिलाफ रास्ते भर प्रदर्शन होगा। एयरपोर्ट के बाहर भीड़ और भारी हंगामे के कारण तृप्ति देसाई एयरपोर्ट पर 12 घंटे से ज्यादा समय से फंसी रहीं। अब वह वापस लौटने की तैयारी कर रहीं हैं। केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने गुरूवार को कहा कि सबरीमाला मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद रात में मंदिर परिसर में ठहरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में मंदिर और आसपास पुलिस की मौजूदगी दोगुना कर दी गई है। बेस कैंप निलक्कल में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के बाद बेहरा ने कहा कि मंदिर परिसर में किसी को ठहरने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर तथा इस महीने मासिक पूजा के लिए कपाट खुलने पर मंदिर के आसपास प्रदर्शन के कारण पाबंदी लगाने का फैसला किया गया।

बेहरा ने कहा सभी श्रद्धालुओं को उनकी वापसी के पहले दर्शन करने का मौका जरूर दिया जाएगा। वहीं इस मामले को लेकर सीएम आवास के बाहर और राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मंदिर में तैनात पुलिसबल को हटाने और पुलिस की पाबंदियों के खिलाफ श्रद्धालु देर रात प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। प्रदर्शनकारी मंदिर परिसर में पूरी रात रुकने पर लगी पाबंदी हटाने की भी मांग कर रहे थे।

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