शिखर सम्मेलन 2019 LIVE: बाबा रामदेव बोले- विदेश से कालाधन लाने के लिए सही प्रयास नहीं हुए

अमित शाह ने कहा- हमने धारा 370 का मुद्दा नहीं छोड़ा है, इस मुद्दे पर आम राय नहीं बनी है. 370 और 35A, अब भी हमारे ऐजेंडा में है लेकिन जो माहौल बनाना चाहिए था, वो हम नहीं कर पाए, ये सच है.

बाबा रामदेव ने कहा- नेहरू-इंदिरा गांधी भी योग करते थे, राहुल गांधी को भी अगर नरेंद्र मोदी से टक्कर लेनी है तो योग करना चाहिए. मोदी या राहुल किसके साथ के सवाल पर रामदेव ने कहा कि मैं देश के साथ खड़ा हूं.

बाबा रामदेव ने कहा- मैं कभी कोई सम्मान नहीं लूंगा लेकिन जिन संन्यासियों ने देश को बनाने में योगदान दिया उन्हें भारत रत्न क्यों नहीं दिया जा सकता. भगत सिंह और नेता जी सुभाष चंद्र बोस को भारत रत्न क्यों नहीं मिला.

रामदेव ने कहा- लोग दो से ज्यादा बच्चे पैदा ना करें, दो से ज्यादा बच्चे वालों के चुनाव लड़ने पर रोक लगे. दो से ज्यादा बच्चे हों तो सरकारी सुविधाएं न मिलें. ज्यादा बच्चे पैदा करना कोई बहादुरी का काम नहीं है.

बाबा रामदेव ने कहा- आंतरिक कालाधन पर काम हुआ है लेकिन विदेशों में जो कालाधन है उसके लिए जो प्रयास होने चाहिए वो नहीं हुए. कालाधन की वजह से आतंकवाद फैलता है.

बाबा रामदेव ने कहा- राम वोटबैंक नहीं हैं, वो राष्ट्र के पूर्वज हैं. राम मंदिर के साथ साथ राम और सीता जैसा चरित्र भी बनना चाहिए. रामलला टेंट में हैं ये हमारा दुर्भाग्य है, ये हमें शर्मसार करने वाला है. ये राम का अपमान है. बीजेपी को राम मंदिर पर अपना वादा निभाना चाहिए.

रामदेव ने कहा- मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे, 1400 साल पहले दुनिया में इस्लाम था ही नहीं. हम मजहब बदल सकते हैं, पूर्वज नहीं. ओवैसी अपनी राजनीति चमका रहे हैं, मैंने ये बात देवबंद में कही तो मौलानाओं ने ताली बजाई थी.

रामदेव ने कहा- जब अस्तित्व का संकट आ जाए तब युद्ध के अलावा और कोई रास्ता नहीं है. अगर सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाया होता तो ये कश्मीर की समस्या ही नहीं होती.

स्वामी रामदेव ने कहा- मोदी को पराक्रम दिखाना होगा, एक्शन होना चाहिए इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. 10-20 दिन में बड़ा एक्शन होने वाला है. पाकिस्तान का प्रधानमंत्री इमरान खान सेना की कठपुतली है. पाकिस्तान के साथ साथ अब चीन को भी सबक सिखाने की जरूरत है, इसके लिए चीन बने उत्पादों का बहिस्कार करना होगा. सत्ता में बैठे लोग तब तक बड़ा कदम नहीं उठाते जब तक इनके सामने मजबूरी नहीं होती.

रामदेव ने कहा- भारत ऐसा देश बने जहां पाकिस्तान आंख उठाकर भी ना देख पाए. हाफिज सईद और अजहर मसूद को दफ्न करना छोटा सा काम है. आने वाले 10-20 दिनों में हाफिज सईद और अजहर मसूद को 72 हूरों वाली जन्नत में पहुंचा देना चाहिए. युद्ध के अलावा कोई रास्ता नहीं, जवाब नहीं दिया तो भारत लाचार दिखेगा. बिना क्रांति के शांति नहीं आती है.

अमित शाह ने कहा- राम मंदिर का मुद्दा हम नहीं टाल रहे बल्कि कांग्रेस टाल रही है. कभी सुना है कि चीफ जस्टिस के खिलाफ बिना कारण के महाभियोग लाया गया हो. राहुल गांधी और उनके गठबंधन के सारे साथी बता दें कि राम मंदिर के फैसले के पक्ष में है या नहीं. हमने तो साफ कर दिया है कि राम मंदिर बने और भव्य बने. सुप्रीम कोर्ट में जब कोई मामला लंबित है तो उस पर कोई अध्यादेश नहीं लाया जा सकता है. 370 हो, राम मंदिर हो, कॉम सिविल कोड हो ये सब हमारे प्राण से प्रिय मु्द्दे हैं, ये सब होगा, सरकार को थोड़ा समय दीजिए.

अमित शाह ने कहा- शिवसेना अगर हमारे खिलाफ बोलती है तो ये लोकतंत्र है, आप क्या चाहते हैं कि कांग्रेस की तरह हो जाएं कि जहां कोई नहीं बोल सकता. शत्रुघ्न सिन्हा और यशवंत सिन्हा की बात है तो हमने उन्हें रोका नहीं बोलने से.

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने पर अमित शाह ने कहा- देश की जनता की भावना सोशल मीडिया और दूसरे जरियों से भी सरकार से बाहर पहुंची है. सरकार जल्द इस पर फैसला लेगी, ये भी रास्ता हो सकता है कि आईसीसी पाकिस्तान को ही बाहर कर दे. खेलने ना खेलने की बात नहीं अलग है.

अमित शाह ने कहा- पाकिस्तान आज दुनिया भर के देशों में अलग थलग पड़ा है, ये बीजेपी की आतंकवाद के खिलाफ कूटनीति की जीत है. इमरान खान शांति की बात ना करें सिर्फ जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त कर दें और 10 दिन के लिए सही अजहर मसूद को जेल में डाल दें.

अमित शाह ने कहा- मायावती जी इस मुगालते से निकल जाएं कि दलति उनके साथ हैं, वो साथ बूथ की कीमत नहीं देखती सिर्फ सीट की कीमत देखती हैं. काउंटिग में बहुत कम दिन बचे हैं, बीजेपी की सीटें यूपी में 73 से 74 सीटें होंगी 72 नहीं.

अमित शाह ने कहा– दलितों की बात करने वाला कोई भी नेता बता दे जिसने शौचालय साफ करने वाले लोगों के पैर धोए हों. मोदी जी ने उन्हें गले लगाया है. आजादी से पहले गाँधी जी शौचालय साफ किया करते थे, आजादी के बाद पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने सफाईकर्मी के पैर धोए. कुंभ का चुनाव से कोई लेना-देना नहीं होता है, इसके लिए कोई निमंत्रण नहीं होता है लेकिन फिर भी करोड़ों लोग आते हैं. जितने भी लोग आए उन्होंने वहां की स्वच्छता की प्रशंसा की है.

अमित शाह ने कहा- हमने धारा 370 का मुद्दा नहीं छोड़ा है, इस मुद्दे पर आम राय नहीं बनी है. 370 और 35A, अब भी हमारे ऐजेंडा में है लेकिन जो माहौल बनाना चाहिए था, वो हम नहीं कर पाए, ये सच है.

अमित शाह ने कहा- किसी भी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को उठाकर देख लीजिए, सबसे कम आतंकवाद की घटनाएं 2014 से 2019 के बीच हुई हैं. सबसे ज्यादा आतंकवादी मदी सरकार में ही मारे गए. आतंकवाद पर हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है, हमने घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए दबाव दिया भी है. पुलवामा की घटना कब होगी ये तो आतंकवादियों ने तय किया था, लेकिन हमने तय किया है कि जब भी घटना होगी जवाब देंगे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आज तक इसकी निंदा नहीं की. आजतक शहीद हुए जवानों के लिए दो शब्द नहीं कहे, वो क्या नसीहत देते हैं? 26/11 के हमने सबूत दिए, क्या किया उन्होंने?

अमित शाह ने कहा- हमने कभी कांग्रेस मुक्त भारत की बात नहीं की बल्कि कांग्रेस कल्चर से मुक्त भारत की बात कही है. ऐसा क्यों है कि एक ही परिवार से प्रधानमंत्री और अध्यक्ष होंगे. लोकतंत्र की भावना को खत्म करने का काम परिवारवादी पार्टियों ने किया है. क्या कोई बता सकता है कि मेरे बाद कौन अध्यक्ष बनेगा. लेकिन राहुल गांधी आएंगे ये सबको पता था. अखिलेश यादव सांसद बने ये परिवारवाद नहीं है लेकिन मुलायम सिंह के बाद अध्यक्ष बने ये परिवारवाद है.

अमित शाह ने कहा- पांच साल में देश ने प्रधानमंत्री का परिश्रम देखा है, देश की जनता ने एक संवेदनशील और दूरदृष्टा प्रधानमंत्री का अनुभव किया है. उत्साह उमंग के साथ नए भारत का निर्माण हो रहा है. देश का मुद्दा ये नहीं होता कि एक व्यक्ति को हटाना है, देश की जनता इस आधार पर फैसला करेगी कि कौन देश को गौरव को विश्व स्तर पर ले जा सकता है. मोदी जी ने देश की जनता को महान भारत के विचार के साथ जोड़ने का काम किया. आलोचना, विरोध और टीका टिप्पणी भी जरूरी है, आलोचना, विरोध और टीका टिप्पणी देश के भले के लिए होनी चाहिए. देश अब लुटियंस के बाहर निकल चुका है, लुटियंस में बैठक माहौल बनाने वाले 4-5 लोगों को भी देश की जनता जवाब देगी.

अमित शाह ने कहा- देश की जनता को 2019 के चुनाव में तय करना होगा कि चुनाव के मुद्दे क्या होने चाहिए। मेरे हिसाब से चुनाव के मुद्दे देश का विकास, 50 करोड़ गरीब के जीवन स्तर में सुधार, किसानों का कल्याण, देश की सुरक्षा होने चाहिए. मैं विपक्षी पार्टियों से पूछना चाहता हूं कि आपका नेता कौन है. इसका जवाब गठबंधन के नेताओं को देना और देश की जनता को अपना जवाब मत पेटी के अंदर देना है. पांच साल में हमारे ऊपर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा, हमने देश की सोच की बदली है. हम कह सकते हैं कि 2022 से पहले देश के हर घर में गैस और शौचालय होगा. जो कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ ये मेरा उनको जवाब है.

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