F-16 जब भारत के लिए बन गया था खतरा, तो मिराज 2000 ने बढ़ाई दी थी ताकत

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) पर एयर स्ट्राइक के बाद इंडियन एयरफोर्स का फाइटर प्लेन मिराज 2000 (Mirage 2000) खासा चर्चा में आ गया हो, लेकिन इस प्लेन को फ्रांस की कंपनी दशॉ एविएशन के साथ खरीदे जाने की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। दरअसल 1980 के दशक में पाकिस्तान की अमेरिका से फाइटर प्लेन F-16 खरीदने के लिए हुई डील ने भारत की चिंता खासी बढ़ा दी थी। ऐसे में भारत अपनी एयरफोर्स की ताकत बढ़ाने के लिए आनन-फानन में फ्रांस की दशॉ एविएशन (Dassault Aviation) से 40 मिराज 2000 खरीदने के लिए बड़ी डील करनी पड़ी थी।

F-16 से बढ़ गई थी पाकिस्तानी एयरफोर्स की ताकत

1980 के दशक में पाकिस्तान और अमेरिका के बीच एक बड़ी डील हुई थी, जिसके तहत पाकिस्तान को अमेरिका से 1983 में लगभग 80 एफ-16 (F-16) मिले थे। ये विमान उस दौर में इतना घातक फाइटर प्लेन था, जिसने भारत को बड़ी चिंता में डाल दिया था। इसके चलते भारत को आनन-फानन में बड़ा फैसला लेना पड़ा था। लिया था यह फैसला

भारत ने आनन-फानन में की थी मिराज 2000 की डील

पाकिस्तान द्वारा एफ-16 की डील किए जाने के बाद भारत को आनन-फानन में एक पावरफुल फाइटर प्लेन खरीदने की दिशा में कदम बढ़ाने पड़े थे। भारत ने वर्ष 1982-83 में फ्रांस की कंपनी दशॉ एविएशन (Dassault Aviation) के साथ 40 मिराज 2000 (Mirage 2000) प्लेन खरीदने का ऑर्डर दिया था। इसके बाद दशॉ एविएशन ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (Hindustan Aeronautics Limited) के साथ मिलकर अतिरिक्त मिराज 2000 बनाए गए थे

F-16 की क्या हैं विशेषताएं

-F-16 फाइटर फाल्कन एक इंजन वाला सुपरसोनिक मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है।
-इसे 4th जनरेशन का सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स में एक माना जाता है, जिसमें  सबसे एडवांस रडार सिस्टम है। इसका GPS नैविगेशन भी काफी अच्छा है।
-माना जाता है कि F-16 की अधिकतम गति 2100 किलोमीटर प्रति घंटे है।
-यह एयरक्राफ्ट किसी भी मौसम में काम कर सकता है। अमेरिका सहित 25 देश इस फाइटर प्लेन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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