दिसंबर तिमाही में सिर्फ 6.6% रही जीडीपी ग्रोथ, 6 तिमाही में सबसे कम

 

  • सालाना ग्रोथ का अनुमान भी 7.2% से संशोधित कर 7% किया
  • सरकार ने जून तिमाही की ग्रोथ 8.2% से घटाकर 8% की
  • सितंबर तिमाही का आंकड़ा भी 7.1% से संशोधित कर 7% किया

नई दिल्ली. आम चुनाव से पहले मोदी सरकार के लिए निराशाजनक खबर आई है। भारत की विकास दर अक्टूबर-दिसंबर 2018 के दौरान 6.6% दर्ज हुई है। यह छह तिमाही में सबसे कम है। इससे कम ग्रोथ अप्रैल-जून 2017 में 6.0% रही थी। एक साल पहले दिसंबर 2017 तिमाही में इकोनॉमी 7.7% बढ़ी थी। गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने ये आंकड़े जारी किए।

घरेलू, निर्यात मांग में कमी से घटी ग्रोथ

  1. अक्टूबर-दिसंबर 2018 में ग्रोथ कम रहने की मुख्य वजह घरेलू और निर्यात मांग में कमी है। कंज्यूमर खर्च जीडीपी का लगभग 57% है। इसकी ग्रोथ घटकर 8.4% रह गई, जो एक तिमाही पहले 9.9% थी। रिजर्व बैंक ने इस साल के लिए 7.4% ग्रोथ का अनुमान जताया था।
  2. पहली-दूसरी तिमाही के आंकड़े भी संशोधित किए गए हैं। अप्रैल-जून की विकास दर को 8.2% से घटाकर 8.0% और जुलाई-सितंबर का 7.1% से घटाकर 7% किया गया है।
  3. सालाना ग्रोथ भी 2017-18 के 7.2% की तुलना में 7% रहने का अनुमान है। जीडीपी में से सब्सिडी घटाने के बाद ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) निकलता है। इसके 6.8% बढ़ने की उम्मीद है। पिछले साल इसकी ग्रोथ 6.9% रही थी।
  4. नोमुरा सिक्युरिटीज के अर्थशास्त्री ऑरोदीप नंदी ने कहा कि चुनाव के कारण राजनीतिक अनिश्चितता और ग्लोबल डिमांड में कमी से आगे विकास दर और घट सकती है। यूबीएस सिक्युरिटीज ने जनवरी-मार्च में 6.1-6.4% ग्रोथ की उम्मीद जताई है।
  5. विकास दर जून 2017 तिमाही के बाद सबसे कम

    तिमाही विकास दर
    अप्रैल-जून 2017 6.0%
    जुलाई- सितंबर 2017 6.8%
    अक्टूबर-दिसंबर 2017 7.7%
    जनवरी-मार्च 2018 7.7%
    अप्रैल-जून 2018 8.0%
    जुलाई- सितंबर 2018 7.0%
    अक्टूबर-दिसंबर 2018 6.6%
  6. सीएसओ ने ग्रोथ का आंकड़ा घटाया

    सीएसओ ने 31 जनवरी को इस साल का पहला अनुमान जारी किया था। इसकी तुलना में ग्रोथ रेट का आंकड़ा तो घटा दिया है, लेकिन जीडीपी का आकार बढ़ाया है। पहले अनुमान में सालाना ग्रोथ 7.2% और जीडीपी का आकार 131.80 लाख करोड़ (आधार 2011-12) बताया गया था। अब ग्रोथ रेट तो घटकर 7% रह गई, पर जीडीपी का आकार 141 लाख करोड़ रुपए हो जाने का अनुमान है। मौजूदा मूल्यों पर इस साल जीडीपी 190.54 लाख करोड़ रु. की होगी। पिछले साल यह 170.95 लाख करोड़ की थी।

  7. मोदी सरकार में सबसे तेज ग्रोथ मार्च 2018 में रही थी

    एनडीए की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट जनवरी-मार्च 2018 में 9.2% थी। सबसे कम जुलाई-सितंबर 2017 में 5.6% थी। सालाना ग्रोथ सबसे ज्यादा 8.2% रही है।

  8. सालाना ग्रोथ 2013-14 के बाद सबसे कम होगी

    साल ग्रोथ
    2013-14 6.4%
    2014-15 7.4%
    2015-16 8.2%
    2016-17 8.2%
    2017-18 7.2%
    2018-19 7.0%

    (स्रोत: सीएसओ) 

  9. 8 में से 5 सेक्टर में ग्रोथ घटने का अंदेशा

    सेक्टर 2017-18 2018-19
    कृषि एवं वानिकी 5.0% 2.7%
    खनन 5.1% 1.2%
    मैन्युफैक्चरिंग 5.9% 8.1%
    बिजली, गैस, पानी 8.6% 8.0%
    कंस्ट्रक्शन 5.6% 8.9%
    ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन 7.8% 6.8%
    फाइनेंस, रियल्टी 6.2% 7.3%
    जन प्रशासन, रक्षा 11.9% 8.5%
  10. प्रति व्यक्ति आय इस साल 10.2% बढ़ने की उम्मीद

    मौजूदा मूल्यों पर इस साल प्रति व्यक्ति आय 1,26,699 रुपए रहने की उम्मीद है। यह पिछले साल के 1,14,958 रुपए से 10.2% ज्यादा होगा। 2011-12 के मूल्यों के आधार पर देखें तो प्रति व्यक्ति आय पिछले साल से 5.8% ज्यादा 92,718 रुपए होगी।

  11. निजी खपत जीडीपी का 57% होगी, पिछले साल 56.3% थी

    निजी खपत 74.17 लाख करोड़ की तुलना में इस साल 80.33 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। जीडीपी के मुकाबले यह 57% होगा। 2017-18 में 56.3% था। इसमें 8.3% वृद्धि होने की उम्मीद है। दिसंबर तिमाही में निजी खपत 20.67 लाख करोड़ की हुई।

  12. इस वर्ष इकोनॉमी में निवेश में 10% बढ़ोतरी का अनुमान

    ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन इकोनॉमी में निवेश को बताता है। इसके 41.37 लाख करोड़ की तुलना में 45.50 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। यह जीडीपी का 32.3% होगा। इसमें 10% वृद्धि का अनुमान है। दिसंबर तिमाही में यह 11.58 लाख करोड़ रुपए था।

  13. दुनिया की सबसे तेज इकोनॉमी बना रहेगा भारत

    ग्रोथ रेट घटने के बाद भी भारत दुनिया की सबसे तेज इकोनॉमी बना रहेगा। पिछली तिमाही में चीन की विकास दर 6.4% थी। अमेरिका की इकोनॉमी 2018 में 2.9% बढ़ी। यह 13 साल में सबसे तेज रफ्तार है। 2017 में विकास दर 2.2% थी। हालांकि दिसंबर तिमाही में ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। सितंबर तिमाही के 3.4% की तुलना में यह 2.6% रही।

  14. 8 मुख्य उद्योग क्षेत्रों के उत्पादन में 19 महीने की सबसे कम ग्रोथ

    आठ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों का उत्पादन जनवरी में सिर्फ 1.8% बढ़ा है। यह 19 माह की सबसे कम रफ्तार है। इससे पहले जून 2017 में इसमें 1% वृद्धि हुई थी। जनवरी 2018 में कोर सेक्टर 6.2% की रफ्तार से बढ़ा था। सुस्ती की वजह कच्चे तेल, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स और बिजली क्षेत्र के उत्पादन में कमी आना है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इस वर्ष अप्रैल से जनवरी के बीच उद्योग क्षेत्रों का उत्पादन 4.5% बढ़ा है। 2017-18 की समान अवधि में 4.1% बढ़ा था।

  15. फरवरी के पहले पखवाड़े में बैंक कर्ज 14.35% बढ़ा

    15 फरवरी को खत्म पखवाड़े में बैंकों का कर्ज 14.35% बढ़कर 94.03 लाख करोड़ रुपए हो गया। डिपॉजिट की राशि 10.16% बढ़कर 121.21 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई। एक साल पहले कर्ज 82.23 लाख करोड़ और डिपॉजिट राशि 110.02 लाख करोड़ थी।

 

 

 

 

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