1600 की आबादी वाले द्वीप में रहने वाले इकलौते बत्तख की मौत, संसद ने दुख जताया

 

  • 2018 में एक तूफान आने के बाद यह बत्तख 2400 किमी उड़कर नियू द्वीप पहुंच गया था
  • बत्तख मालार्ड प्रजाति का था, इसलिए उसे न्यूजीलैंड के नेता ट्रेवर मालार्ड का नाम दिया गया

लाइफस्टाइल डेस्क. न्यूजीलैंड से 2400 किलोमीटर दूर 1600 की आबादी वाले एक द्वीप देश नियू पर रहने वाले इकलौते बत्तख की हाल ही में मौत हो गई। इस बत्तख ट्रेवर मालार्ड को दुनिया का सबसे तन्हा बत्तख करार दिया गया था। कुत्तों के हमलों में उसकी मौत हो जाने के बाद न्यूजीलैंड की संसद ने भी दुख जताया।

नियू न्यूजीलैंड के उत्तर और टोंगा के पूर्व में स्थित छोटा-सा द्वीप देश है। यह प्रशांत महासागर के दक्षिणी भाग में है। यहां 25 जनवरी को बत्तख ट्रेवर की मौत हो गई। यह बत्तख द्वीप पर आने वाले पर्यटकों के बीच आकर्षण का केन्द्र था।

पोखर में रहता था ट्रेवर

  1. ट्रेवर के नाम से बनाए गए फेसबुक पेज के मुताबिक, जनवरी 2018 में आए एक तूफान में उड़कर वह न्यूजीलैंड से 2400 किलोमीटर दूर नियू आ गया था। नियू में तालाब और झील न होने के कारण वह सड़क किनारे स्थित एक पोखर में रहने लगा। 25 जनवरी को पोखर के नजदीक झाड़ी में उसे मृत पाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुत्तों के हमले में चोटिल हो जाने के कारण उसकी मौत हुई।

  2. ट्रेवर मालार्ड प्रजाति का बत्तख था। इसलिए न्यूजीलैंड के पॉलिटीशियन ट्रेवर मालार्ड के नाम पर उसका नाम ट्रेवर रख दिया गया था। ट्रेवर नियू में बहुत फेमस था। लोग उसका बहुत ख्याल रखते थे। जिस पोखर में ट्रेवर रहता था, उसमें नियमित तौर पर पानी भरा जाता था और उसके खाने की भी व्यवस्था की जाती थी। न्यूजीलैंड हेराल्ड के डिप्टी पॉलिटिकल एडिटर कैरी ट्रेवेट ने ट्रेवर के बारे में दुनिया को बताया था।

  3. बत्तख की मौत पर न्यूजीलैंड की संसद के स्पीकर ट्रेवर मलार्ड ने दुख जताया। उन्होंने कहा- बत्तख ट्रेवर की मौत पर न्यूजीलैंड की संसद नीयू द्वीप के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है।
  4. नियू के चैम्बर ऑफ कॉमर्स प्रमुख और ट्रेवर के फेसबुक पेज को संचालित करने वाले रे फिंडले के मुताबिक, यह बत्तख स्थानीय लोगों के आसपास घूमा करता था। उन्होंने बताया कि उसे मटर, मक्का और ओट्स खिलाया जाता था। एक बार हमने उसके लिए एक साथी लाने के बारे में भी सोचा था, लेकिन पोखर में दो बत्तखों के रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। इसी वजह से ऐसा नहीं किया गया। पोखर में रहने के दौरान उसने एक मुर्गे और एक पक्षी से दोस्ती भी कर ली थी।

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