डेंगू दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ

आगरा, गुरुवार को डेंगू दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ मुकेश कुमार वत्स ने कहा कि मादा एडीज मच्छर के काटने से डेंगू वायरस फैलता है। बारिश के मौसम में यह और जानलेवा हो जाता है। जागरुकता ही डेंगू से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा स्थान जहां से पानी का निकास सम्भव न हो तो एकत्रित पानी में जला मोबिल आॅयल या मिट्टी के तेल की कुछ बूंदे डाल दें । तेज बुखार डेंगू मलेरिया हो सकता है। बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लेकर औषधियों का सेवन करें और खून की जांच करायेँ ये। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. रमाकान्त दीक्षित ने कहा कि जिस दिन हम लोगों ने मच्छरों के पनपने यानि बैठने की जगह को समाप्त कर दिया। हम काफी हद तक इस वायरस से निजात पा जायेंगे। मच्छरों की कई प्रजातियां होती हैं जो अलग-अलग जगहों पर पनपती है। डाॅ. दीक्षित ने कहा कि जिले में डेंगू का प्रकोप कुछ कम हुआ है। विभाग की तरफ से अभियान चलाया जा रहा है। टीमें घर-घर जाकर लोगों के कूलरों को चेक कर रही हैं। आगामी 10 जून से संचारी रोग अभियान शुरू होने वाला है जिसकों लेकर तैयारियां चल रही हैं है। कार्यक्रम के दौरान सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार को कुम्भ मेला में सेक्टर प्रभारी के तौर पर तैनाती के दौरान अच्छा कार्य करने पर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रयागराज मण्डल की तरफ से प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। जिले में वेक्टर जनित रोगों की स्थिति
जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. रमाकान्त दीक्षित ने बताया कि आगरा में वेक्टर जनित रोगों की स्थिति में सुधार हुआ
है। उन्होंने बताया कि जिले में वर्ष 2015 में मलेरिया के 97 रोगी, वर्ष 2016 में 98 रोगी, वर्ष 2017 में 85 और वर्ष
2018 में 82 रोगी पाजीटिव मिले। इसी तरह वर्ष 2015 में डेगू के 219, वर्ष 2016 में 329, वर्ष 2017 में 64 और वर्ष
2018 में 190 रोगी मिले। वहीं चिकनगुनियां में वर्ष 2016 में 224, वर्ष 2017 में 11 और वर्ष 2018 में मात्र 04 रोगी
मिले।

लक्षण
तेज सिरदर्द व बुखार होना।
मांशपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
जी मिचलाना व उल्टी होना।
गम्भीर रोगियों में नाक, मुंह, मसुड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना
कारण
डेंगू के सबसे ज्यादा मामले बारिश के मौसम में देखने में आते हैं
यह मच्छर दिन में काटते हैं।
डेंगू मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। जैसे कूलर के पानी में, रुंधे हुए नालों में और आस-पास की नालियों में।
सावधानियां
घर के आसपास अनावश्यक पानी न एकत्र होने दें।
क्ूलर, टंकी, गमलों सहित अन्य चीजों में पानी न जमा होने दें।
घरों के कूलर का पानी एक सप्ताह में जरूर बदल दें।
लार्वानाशक और कीटनाशक का छिड़काव करें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें।

पूरी बांह वाले कपड़े पहने।

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