एक घंटा पसीना बहाने के बजाय 15 मिनट चढे सीढ़ियां

 

नई दिल्ली। एक घंटे तक जिम में पसीना बहाने से आपको उतना ही फायदा मिल पाता है, जितना 15 मिनट सीढियां चढ़ने से। यह खुलासा हुआ है एक ताजे सर्वे से। सर्वे की मानें तो आप अगर रोजाना केवल एक मंजिल सीढियां चढ़कर अपने घर या ऑफिस जाते हैं, तो वह आपके आधे किलोमीटर ट्रेडमील पर चलने के बराबर हो जाता है। वहीं, अगर आप 2-3 बार सीढि़यां चढ़ उतर लेते हैं, तो आपकी बॉडी को इसके बाद जिम जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। सीढ़ियां चढ़ने से शरीर में तुरंत एनर्जी आ जाती है, जो जिम में 5 से 7 मिनट एक्सर्साइज करने के बाद ही आती है, वो भी तब जब आप तेज स्पीड से एक्सर्साइज करें। इतना ही नहीं सीढियां चढ़ना हार्ट और लंग्स के लिए भी जिम से ज्यादा फायदेमंद हैं। फिजियोथेरपिस्ट बताते हैं, सीढियां चढ़ना नैचरल एक्सर्साइज है। अगर आप यह रोजाना कर पाते हैं, तो आपकी थाई तो शेप में रहती ही है, मसल्स भी फ्लेक्सेबिल हो जाती हैं।

यही नहीं, ओवरऑल फिटनेस के लिए भी सीढि़यां चढ़ना बेहद फायदेमंद है। इसके बाद आप जोड़ों की प्रॉब्लम, बोन पेन जैसी चीजों से बचे रहेंगे। ऊपर चढ़ने के दौरान जब बॉडी का 70-85 डिग्री का एंगल बनता है, तो यह पॉश्चर लोअर बॉडी के लिए और 135 डिग्री का एंगल अपर बॉडी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह एक कारगर कार्डियो वर्कआउट भी साबित हो सकता है। एक घंटे के भीतर इससे लगभग 700 कैलोरी बर्न की जा सकती है। वहीं यदि आप ट्रेडमिल पर एक घंटा दौड़ेंगे, तो इससे मात्र 300 कैलरी ही बर्न होगी। सीढ़ियां चढ़ना एक ऐसी ऐक्टिविटी है जिससे मसल्स में फैट इकट्ठा नहीं हो पाता और शरीर शेप में रहता है। यह टेंशन कम करने के साथ व्यक्ति की एकाग्रता को भी बढ़ाता है। इसको रेग्युलर करने से मेंटल हेल्थ को भी सपोर्ट मिलता है और रोजमर्रा के काम करने के लिए फोकस करने में मदद मिलती है। कई बार लोग पहले ही दिन से अधिक चढ़ने की कोशिश करते हैं, जिससे थकान और टांगों में दर्द हो सकता है। इसलिए एक ही दिन में 3-4 मंजिल सीढ़ी चढ़ने की बजाए धीरे-धीरे समय को बढ़ाएं। इस व्यायाम का फायदा यह है कि इसे हार्ट पेंशेट और डायबीटीज रोगी सभी आसानी से कर सकते हैं। हालांकि हार्ट पेशेंट को हेवी एक्सर्साइज न करने की सलाह दी जाती है, पर धीरे धीरे सीढ़ियां चढ़ना हर किसी रोगी के लिए परफेक्ट एक्सर्साइज है।सीढियां चढ़ना तभी फायदेमंद हो सकता है अगर आप इसे नियमित रूप से करें। 15 दिन या एक महीने कर आप इसे छोड़ दें तो आपको इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा, इसलिए इसे अपनी रूटीन का पार्ट बनाएं। शुरू में एक बार और फिर तीन बार और फिर इसे रोजाना करें। इसे 12 साल के बच्चे से लेकर 70 साल के बुजुर्ग तक कर सकते हैं। इसमें पूरी तरह से व्यक्ति को अपनी एनर्जी लेवल का उपयोग करना होता है। इसके लिए न तो कोई खर्च करने जरूरत है और न ही किसी इंस्ट्रयूमेंट की जरूरत है।

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