पुरुषों के मुकाबले 5 साल ज्यादा जीती है महिलाएं, हार्मोन की वजह से ऐसा होता है

 

  • ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के प्रो.परमिंदर सचदेव के मुताबिक, दुनियाभर में हर समाज में उम्र का ऐसा ही अंतर है
  • कम उम्र के पीछे पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन बड़ी वजह है जिसके कारण व्यवहार में बदलाव आता है

हेल्थ डेस्क. महिलाएं पुरुषों से ज्यादा क्यों जीती हैं। 100 वर्ष की स्कैल पर उनकी उम्र पुरुषों से ज्यादा होने का कारण वैज्ञानिकों ने बताया है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, अमेरिकी पुरुषों की औसत आयु 76 साल और महिलाओं की औसत उम्र 81 वर्ष है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की हेल इंडेक्स के मुताबिक, अमेरिका जैसे देश में पुरुष उम्र के 67 और महिलाएं 70वें पड़ाव तक स्वस्थ रह सकती हैं। हेल इंडेक्स में सामान्य स्थिति में महिला और पुरुष की उम्र के आंकड़े जारी किए जाते हैं।

महिला हार्मोन डीएनए के लिए फायदेमंद

  1. न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया की न्यूरोसाइकियाट्री विभाग के प्रो. परमिंदर सचदेव के मुताबिक, महिलाओं और पुरुषों की आयु में अंतर सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है, यह दुनिया के हर समाज के लिए लगभग एक जैसा ही है।
  2. प्रो. परमिंदर कहते हैं कि इसके पीछे कई थ्योरीज हैं,  जैसे पुरुषों में स्मोकिंग, अल्कोहल और मोटापा जैसी समस्याएं ज्यादा देखी जाती हैं। बीमार होने पर पुरुष दवाएं लेना कम पसंद करते हैं यहां तक कि बीमारी का पता लगने के बाद भी। इसके अलावा दुर्घटनाओं जैसे एक्सीडेंट में पुरुषों की मौत ज्यादा होती हैं।
  3. साउथ कोरिया की इनहा यूनिवर्सिटी के बायोलॉजिकल साइंस विभाग के प्रो. क्यूंग-जिन मिन का कहना है कि पुरुषों में उम्र कम करने में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की बड़ी भूमिका होती है। पुरुषत्व और आक्रामकता पैदा करने वाला ये हार्मोन उन्हें कई बार मुश्किल में डालता है और उनकी कम उम्र में मौत की आशंका बढ़ जाती है।
  4. ड्यूक यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च के अनुसार, पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का स्तर अधिक बढ़ने पर उनका बर्ताव जोखिम को बढ़ाता है। यह हार्मोन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है साथ ही हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है।
  5. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, टेस्टोस्टेरॉन के विपरीत महिलाओं में पाया जाने वाला एस्ट्रोजन हार्मोन उन्हें खास तरह की सुरक्षा प्रदान करता है। एस्ट्रोजन डीएनए को डैमेज होने से बचाता है जिससे रोगों का खतरा कम हो जाता है। यह एक एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है।

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