जड़ से रोगों को खत्म करती है होम्योपैथी, असरदार इलाज के लिए दवाओं को सही तरीके से लेना जरूरीरी

 

हेल्थ डेस्क. होम्योपैथी में एक कहावत है ‘पहला सुख निरोगी मन व काया’। अगर एक रोग का इलाज न हो तो यह दूसरे मर्ज का कारण बनने लगता है। ऐसे में बीमारियों की आपसी कड़ी को ढूंढक़र इलाज किया जाता है यही इस पद्धति का आधार है। होम्योपैथी का सिद्धांत है कि रोग किस कारण से उत्पन्न हुआ उसका इलाज करना, न कि उसे दबाना। इसमें रोग से ज्यादा रोगी की स्थिति पर गौर करते हैं। यह पद्धति रोग से कमजोर हुए हिस्सों को स्वस्थ करती है। इसमें आनुवांशिक व पुराने लाइलाज रोगों का इलाज भी संभव है जिसके लिए इस पद्धति को दुनियाभर में प्रसिद्धि मिली। इस पद्धति में असरदार इलाज के लिए दवाओं को सही तरीके लेना जरूरी है। आज वर्ल्ड होम्योपैथी डे है, इसे होम्योपैथी के पितामह कहे जाने वाले डॉ. सैम्युअल हैनीमेन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

(राष्ट्रीय संभव सन्देश के व्हाट्सएप ग्रुप में ऐड होने के लिए Click यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब पर फ़ाॅलो भी कर सकते हैं.)

WhatsApp chat