मिशेल के बाद दो आरोपी राजीव सक्सेना और दीपक तलवार यूएई से भारत लाए गए

 

  • दोनों आरोपियों को प्राइवेट जेट से दुबई से दिल्ली लाया गया
  • इससे पहले इस मामले में दिसंबर 2018 में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को यूएई से प्रत्यर्पित किया गया था

दुबई. 3600 करोड़ रुपए के अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकाॅप्टर घोटाले मेें भारत सरकार को एक और कामयाबी मिली है। बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल के बाद इस मामले में दो और आरोपियों को बुधवार देर रात भारत लाया गया। इन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर में रखा गया है। सक्सेना को बुधवार को दुबई से गिरफ्तार किया गया था।

ईडी की टीम दोनों आरोपियों को लेने दुबई गई थी। उन्हें दुबई से दिल्ली प्राइवेट जेट से लाया गया। ईडी दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश कर सकता है। इससे पहले दिसंबर 2018 में इसी मामले में आरोपी ब्रिटिश नागरिक मिशेल को यूएई से प्रत्यर्पित किया गया था।

सक्सेना पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

सक्सेना को यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया। सक्सेना पर अगस्ता डील में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। ईडी ने अपनी चार्जशीट में जिक्र किया है कि अगस्ता वेस्टलैंड में प्रभाव रखने वाले वकील गौतम खेतान ने फर्जी इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्ट बनाकर रिश्वत के पैसे हासिल किए। खेतान अभी ईडी की हिरासत में है। इस मामले में सक्सेना खेतान के साथ आरोपी है।

जांच शुरू होने के बाद ही दुबई फरार हो गया था तलवार

दीपक तलवार पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। उस पर एनजीओ के जरिए 90 करोड़ रुपए से ज्यादा के फंड का दुरुपयोग करने के आरोप हैं। जांच शुरू होने के बाद ही तलवार दुबई फरार हो गए था। उसके खिलाफ भारत में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति को छुपाने के मामले की भी जांच चल रही है।

सक्सेना के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ था 
ईडी ने दिसंबर में यूएचवाई कंपनी के निदेशक राजीव सक्सेना की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में कहा था कि उन्हें बार-बार सूचित करने के बाद भी वे जांच में शामिल नहीं हुए। कोर्ट ने 6 अक्टूबर को सक्सेना के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

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