पंजाब-दिल्ली में हाई अलर्ट देख राजस्थान में घुसा जाकिर मूसा? मचा सकता है आतंक

कश्मीर में अलकायदा कमांडर और खूंखार आतंकी जाकिर मूसा अपने साथियों के साथ राजस्थान में घुस गया है और माना जा रहा है कि वह विधानसभा चुनाव में व्यस्त राज्य में आतंकी वारदात को अंजाम दे सकता है.

माना जा रहा है कि बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा के बीच फिरोजपुर से दिल्ली की तुलना में राजस्थान में प्रवेश करना बेहद आसान है क्योंकि पंजाब में भारत-पाकिस्तान की सीमा 553 किलोमीटर तक फैली है जबकि राजस्थान की सीमा 1090 किलोमीटर लंबी है.

बीएसएफ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने कई सीमाओं पर आतंकी मूसा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर रखा है, और इस संबंध में चोरी की गई कार का नंबर के अलावा उसकी तस्वीर भी भेज दी गई है.

इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सक्रिय खूंखार आतंकी जाकिर मूसा अपने साथियों के साथ अमृतसर में देखा गया था. पंजाब पुलिस की खुफिया एजेंसी ने गुरुवार को सूचित किया था कि जैश-ए-मोहम्मद के 6 से 7 आतंकवादी राज्य से दिल्ली की ओर जाने की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद राज्य पुलिस सतर्क हो गई.

पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (काउंटर इंटेलीजेंस) कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार जानकारी मिलने के बाद पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस प्रमुख को अलर्ट कर दिया गया है जिसमें कहा गया कि सूचना के अनुसार जैश आतंकवादियों का समूह पंजाब में है और दिल्ली की ओर बढ़ने की साजिश रच रहा है. जिसके बाद पूरे पंजाब में अलर्ट जारी कर उसकी तलाश की जा रही है और बॉर्डर एरिया में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.

माना जा रहा है कि दिल्ली के तरफ सुरक्षा बढ़ा दिए जाने के बाद मूसा अपने साथियों के साथ फिरोजपुर से राजस्थान की ओर से चला गया. अब वह अपने साथियों के साथ राजस्थान में आतंकी वारदात को अंजाम दे सकता है.

इस बीच पुलिस में पंजाब में कई ड्रम स्मगलरों के घरों में छापा मार रही है जिसके बारे में अंदेशा है कि उनके आतंकियों के साथ संबंध हो सकते हैं, साथ ही सीमापार से हथियारों और नशीली चीजों के अवैध स्मगलिंग में शामिल भी हों.

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और उसके हॉस्टल पुलिस के निशाने पर हैं, जहां की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. हालांकि पंजाब पुलिस ने पिछले दिनों पठानकोट से 4 लोगों द्वारा छिने गए कार और मूसा के बीच संबंधों को अफवाह करार दिया है.

पुलिस का कहना है कि पठानकोट और अमृतसर दोनों अलग-अलग शहर है. दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और आम अपराध को आतंकवाद से मिलाया नहीं जा सकता, लेकिन इन घटनाओं के बीच पंजाब को हाईअलर्ट पर रखा गया है.

फिलहाल साल 2016 में पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले से सीख लेते हुए, आर्मी के तमाम बेस कैंप और एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले में उसी तरह की Modus Operandi का शक हो रहा है जैसा कि पठानकोट एयर फोर्स स्टेशन पर हमले के दौरान आतंकियों द्वारा किया गया था.

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