T-20 के बाद अब वनडे की बारी, हैदराबाद में भिड़ेंगे भारत और AUS

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शनिवार से पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू हो रही है, जिसका पहला मैच हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा. यह सीरीज भारत के लिए काफी अहम है, क्योंकि 30 मई से इंग्लैंड में शुरू हो रहे वनडे विश्व कप से पहले यह भारत की आखिरी सीरीज है और इस सीरीज में टीम का प्रदर्शन, चयन काफी कुछ निर्भर करता है. एक लिहाज से यह भारत की विश्व कप से पहले अग्नि परीक्षा है. क्रिकेट के महाकुंभ के लिए भारतीय टीम लगभग तय है, लेकिन कुछ स्थानों को लेकर अभी भी पशोपेश बना हुआ है. इस सीरीज में इन्हीं जगहों पर चयनकर्ताओं का ध्यान होगा.

भारत इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के हाथों टी-20 सीरीज में हार झेलने के बाद उतर रहा है. अब वह नए प्रारूप में एक नई शुरुआत करना चाहेगी. टी-20 सीरीज में भारत को आखिरी ओवरों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था और इसी कारण उसे दोनों मैचों में हार मिली थी. वनडे सीरीज में भी टीम के पास भुवनेश्वर कुमार का विकल्प मौजूद नहीं है. चयनकर्ताओं ने उन्हें आराम दिया है. भुवनेश्वर डेथ ओवरों में भारत के बेहद अहम गेंदबाज हैं. आखिरी ओवरों में उनकी कमी टी-20 में भारत को खल चुकी है.

डेथ ओवरों में भारत के पास एक मात्र विकल्प जसप्रीत बुमराह हैं. उन्हें दूसरे छोर से मदद की जरूरत है और इसके लिए मोहम्मद शमी पर भरोसा किया जा सकता है. इन दोनों के अलावा तेज गेंदबाजी में भारत के पास सिद्धार्थ कौल भी मौजूद हैं. उम्मीद की जाएगी कि टी-20 में डेथ ओवरों की असफलता को भारत वनडे में खत्म करेगा.

हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में विजय शंकर का खेलना तय है. इस लिहाज से अंतिम-11 में बुमराह और शमी का खेलना तय माना जा रहा है. हैदराबाद की विकेट को देखते हुए पूरी संभावना है कि भारत दो स्पिन गेंदबाजों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के साथ उतरे. बल्लेबाजी में कप्तान विराट कोहली के अलावा रोहित शर्मा, शिखर धवन अहम खिलाड़ी हैं. आखिरी टी-20 में कोहली ने रोहित को आराम दिया था और शिखर धवन को लोकेश राहुल के साथ पारी की शुरुआत करने भेजा था. राहुल को कोहली ने दोनों टी-20 मैचों में मौका दिया था. वह वनडे में भी राहुल को मौका दे सकते हैं.

अगर राहुल को मौका मिलता है तो यह उनके लिए विश्व कप टीम के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का अच्छा अवसर होगा. मध्यक्रम में कोहली के पास केदार जाधव, अंबति रायडू और ऋषभ पंत के विकल्प मौजूद हैं. बीती वनडे सीरीजों में दिनेश कार्तिक को भारत ने काफी आजमाया, लेकिन वह ज्यादा सफल नहीं हो सके. इसलिए अब पंत को मौका मिला है. पंत के पास भी विश्व कप के लिए दावेदारी ठोकने का मौका है.

वहीं ऑस्ट्रेलिया की बात की जाए तो उसके लिए कप्तान एरॉन फिंच का फॉर्म चिंता का विषय है. हाल ही में भारत ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. वहां भी फिंच का बल्ला खामोश था. बीते 10 वनडे मैचों में फिंच ने सिर्फ 225 रन बनाए हैं. मेहमान टीम के लिए अच्छी बात यह है कि ग्लेन मैक्सवेल फॉर्म में वापसी कर गए हैं. टी-20 सीरीज में उन्होंने पहले मैच में अर्धशतक और दूसरे मैच में शतक जमाया था.

इन दोनों के अलावा एलेक्स कैरी, उस्मान ख्वाजा, पीटर हैंड्सकॉम्ब, शॉन मार्श जैसे अच्छे बल्लेबाज भी ऑस्ट्रेलिया के पास हैं. मार्क स्टोइनिस वनडे में भारत के लिए गेंद और बल्ले दोनों से बड़ा खतरा हो सकते हैं. गेंदबाजी में पैट कमिंस, झाए रिचर्डसन, केन रिचडर्सन और नाथन कुल्टर नाइल पर ऑस्ट्रेलिया काफी हद तक निर्भर करेगी. उसके पास एडम जाम्पा और एश्टन टर्नर के तौर पर दो स्पिनर भी हैं, लेकिन टी-20 में ये दोनों ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे. वनडे में ऑस्ट्रेलियाई टीम मध्य के ओवरों में इन दोनों से विकेट निकालने के अलावा रन रोकने की उम्मीद करेगी.

टीमें (संभावित):

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, लोकेश राहुल, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, अंबति रायडू, विजय शंकर, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, सिद्धार्थ कौल, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह.

ऑस्ट्रेलिया: एरॉन फिंच (कप्तान), जेसन बेहरनडोर्फ, एलेक्स कैरी, नाथन कुल्टर नाइल, पैट कमिंस, पीटर हैंड्सकॉम्ब, उस्मान ख्वाजा, नाथन लियोन, शॉन मार्श, ग्लेन मैक्सेवल, झाए रिचर्डसन, केन रिचर्डसन, मार्कस स्टोइनिस, एश्टन टर्नर, एडम जाम्पा.

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