सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को भी मिलेगा आरक्षण, सरकारी नौकरियों में रिजर्वेशन का दायरा 50% से बढ़कर 60% होगा

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, सामान्य वर्ग के गरीबों को मिलेगा 10% आरक्षण।  सरकार ने गरीब सवर्णों के लिए नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनावों के पहले मोदी सरकार ने एक बड़ा दांव चला है। सरकार ने गरीब सवर्णों के लिए नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है।

केंद्र सरकार आरक्षण के इस नए फॉर्म्युले को लागू करने के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाएगी। सूत्रों के मुताबिक सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े लोग इस आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे, इसके लिए सरकार मंगलवार को संसद में संविधान संशोधन का बिल पेश कर सकती है। बता दें कि लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछले सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की जा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे सवर्ण परिवार इस आरक्षण के हकदार होंगे जिनकी सालाना कमाई 8 लाख रुपए से कम होगी, जिसके पास 5 हेक्टेयर से कम जमीन होगी, जिनका घर 1000 स्क्वेयर फीट से कम क्षेत्रफल का हो, अगर घर नगरपालिका में होगा तो प्लाट का आकार 100 यार्ड से कम होना चाहिए और अगर घर गैर नगर पालिका वाले शहरी क्षेत्र में होगा तो प्लाट का आकार 200 यार्ड से कम होना चाहिए।

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