अमृतसर के निरंकारी भवन में ग्रेनेड हमला, धमाके से 15-20 लोग घायल, 3 की मौत

निरंकारी भवन में हुए धमाके पर आईजी बॉर्डर सुरिंदर पाल सिंह परमार ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक दो लोगों ने यहां बम फेंककर हमला किया था. उन्होंने बताया कि धार्मिक समागम में मौजूद 250 लोगों में से 3 की मौत हो गई है और 15 से 20 लोग घायल हो गए हैं.

अमृतसर के राजासांसी गांव स्थित निरंकारी भवन में ग्रेनेड अटैक की खबर है. पुलिस के अनुसार इस धमाके में 3 लोगों की मौत हो गई है जबकि 15-20 लोग घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि जब यह घटना हुई तब वहां समागम कार्यक्रम चल रहा था.

चश्मदीदों के अनुसार रविवार सुबह मोटरसाइकल सवार 2 लोग आए और उन्होंने धार्मिक डेरे में विस्फोटक फेंका और फरार हो गए. उन्होंने कहा कि हमलावरों ने भागने के क्रम में उन्हें पिस्तौल दिखाकर डराने की भी कोशिश की. घटना के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. साथ ही राजस्थान से जुड़े बॉर्डर को सील कर दिया है.

अमृतसर हमले के पीछे अलकायदा आतंकी जाकिर मूसा का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. खुफिया विभाग ने दो दिन पहले ही उसके पंजाब में होने की जानकारी दी थी. इसे देखते हुए पंजाब पुलिस ने अमृतसर में उसके पोस्टर भी लगवाए थे. रविवार को हुई इस खौफनाक घटना के बाद माना जा रहा है कि इसमें मूसा की बड़ी भूमिका हो सकती है. हालांकि, पंजाब पुलिस ने इसकी संभावना को फिलहाल खारिज कर दिया है. इस क्रम में पुलिस और इंटेलिजेंस सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं.

पंजाब और राजस्थान सहित उत्तर भारत के कुछ अन्य राज्यों में पहले ही हमले की आशंका जताई गई थी. हाल ही में पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग ने राज्य में जैश-ए-मोहम्मद के 6-7 आतंकवादियों के घुसने की जानकारी दी थी, जिसके बाद राज्य में अलर्ट जारी किया गया था. वहीं कश्मीर में कड़ी सुरक्षा को देखते हुए हिजबुल कमांडर जाकिर मूसा के भी अपने साथियों के साथ पंजाब पहुंचने की सूचना थी. एक रिपोर्ट में उसके पंजाब से राजस्थान भागने की भी सूचना मिली है. जिसमें कहा गया है कि मूसा वहां के विधानसभा चुनावों को निशाना बना सकता है.

पंजाब बम धमाके के पीछे किसका हाथ है अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है और किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई जाकिर मूसा की तरफ भी घूम रही है. बता दें कि जब मूसा को (17 अक्टूबर 2016) को हिज़बुल मुजाहिदीन का कमांडर बनाया गया था. उसी दौरान उसका वीडियो सामने आया था, जो काफी चर्चा में रहा था. वीडियो में वह भारत के खिलाफ भड़काऊ बातें कर, धमकी दे रहा था.

जाकिर मूसा वीडियो में आतंकियों से कह रहा था, जो हमले चल रहे हैं उसे जारी रखें, क्योंकि अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है. आजादी का सूरज हम जरूर देखेंगे. भारत को धमकी देते हुए उसने कहा था इस बार फौज, पुलिस या बाकी इंडियन एजेंसियां को मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पता है कि इस बार उनका सामना किससे है? हम धमकियां देने के आदी नहीं हैं, ‘आई बीलिव इन एक्शन.’

वीडियो में मूसा ने कहा था, ‘कइयों ने जेहाद का रास्ता अख्तियार किया है. वो हथियार छिन लाए हैं, वो हमारे साथ आए हैं. इंशाअल्लाह, जो भी भाई हमारे साथ शामिल होना चाहते हैं, हम तहेदिल से उनकी खुशामदीद करते हैं. उनको वेलकम करते हैं.’

मीडिया में जाकिर मूसा के नाम से मशहूर इस आतंकी का असली नाम जाकिर रशीद भट है. लगभग 20 से 30 साल की उम्र बताए जाने वाला मूसा मीडिया के जरिए अपने मैसेज में माहिर माना जाता है. बुरहान वानी की मौत के बाद मूसा को नया पोस्टरबॉय बताया गया था.

मूसा ने 2013 में चंडीगढ़ के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी. पढ़े-लिखे परिवार का मूसा जम्मू कश्मीर में 2013 से सक्रिय है. वह ए प्लस प्लस श्रेणी का आतंकी है. सेना ने उस पर 12 लाख का इनाम घोषित कर रखा है.

इस घटना को आतंकी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है 

शुरुआती जांच में इस घटना को आतंकी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है. विस्फोट की जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मौके पर पहुंच गए हैं. इस घटना के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. पुलिस ने राजस्थान से जुड़े बॉर्डर को सील कर दिया है.

इस बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस घटना के बाद इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है. उन्होंने ब्लास्ट में घायल लोगों के लिए सरकारी खर्च पर इलाज का भी ऐलान किया. कांग्रेस ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है. राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसे राज्य में शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करार दिया है. उन्होंने लोगों ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.

WhatsApp chat