शहीद लांस नायक वानी को मिलेगा अशोक चक्र, आतंकियों का साथ छोड़ सेना में आए थे

  • अशोक चक्र शांतिकाल में दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य वीरता पुरस्कार
  • इस गणतंत्र दिवस पर सैनिकों को उनकी वीरता के लिए 5 कीर्ति और 12 शौर्य चक्र दिए जाएंगे
  • नजीर वानी ने 2004 में आर्मी ज्वाइन की थी, 34 राष्ट्रीय राइफल्स में लांस नायक थे

नई दिल्ली. कश्मीर में आतंकियों का साथ छोड़कर सेना में शामिल हुए लांस नायक नजीर अहमद वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा जाएगा। यह सम्मान गणतंत्र दिवस समारोह में उनके परिजनों को दिया जाएगा। पिछले साल नवंबर में शोपियां में मुठभेड़ के दौरान नजीर शहीद हो गए थे। इस ऑपरेशन में छह आतंकी मारे गए थे।

नजीर आत्मसमर्पण कर सेना में शामिल हुए थे

  1. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कुलगाम के चेकी अश्मुजी गांव में रहने वाले नजीर वानी कभी आतंकियों के साथ थे, लेकिन उन्होंने रास्ता बदला और 2004 में टेरिटोरियल आर्मी की 162वीं बटालियन में शामिल हो गए। शहादत के वक्त वे 34 राष्ट्रीय राइफल्स में थे।

    सच्चे सैनिक थे नजीर: सेना

  2. शहीद वानी के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उन्होंने आतंकियों के खिलाफ कई ऑपरेशन में हिस्सा लिया। वीरता के लिए उन्हें 2007 और 2018 में सेना मेडल से भी नवाजा गया था। शहादत के बाद सेना के प्रवक्ता ने उन्हें सच्चा सैनिक बताया था।

    5 कीर्ति और 12 शौर्य चक्र दिए जाएंगे

  3. केंद्र सरकार की ओर से हर साल वीर सैनिकों को सम्मानित किया जाता है। इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर शहीद वानी के अलावा चार अफसरों और एक सैनिक को कीर्ति चक्र, वहीं 12 सैनिकों को शौर्य चक्र से नावाजा जाएगा।

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