तीन महीने में तीन बड़े टकराव, सीबीआई-पुलिस एपीसोड पर दीदी को 9 विपक्षी दलों का समर्थन

 

  • रविवार को कोलकाता में शारदा घोटाले की जांच के िलए पहुंचे सीबीआई के अफसरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
  • ममता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार राजनीतिक बदले के लिए एजेंसी का दुरूपयोग कर रही है
  • ममता ने मेट्रो चैनल पर रात 9.30 बजे धरना शुरू किया, ममता को केजरी, अखिलेश ने तुरंत समर्थन दिया

कोलकाता. शारदा घोटाले में पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की भूमिका की जांच के लिए पहुंची सीबीआई की टीम और पुलिस के बीच रविवार को हुए टकराव के बाद प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मोदी सरकार के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत 9 विपक्षी दलों के नेताओं ने ममता का समर्थन किया है। प. बंगाल और केंद्र सरकार के बीच टकराव का यह पहला मामला नहीं है। तीन महीने के भीतर ऐसी तीन घटनाएं हो चुकी हैं।

16 नवंबर 2018: सीबीआई को राज्य में जांच से रोका
ममता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सीबीआई और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रही है। ममता सरकार ने प. बंगाल में सीबीआई को जांच करने से रोक दिया। डीएसपीई एक्ट के मुताबिक, सीबीआई को राज्यों में जाकर जांच करने का अधिकार है, लेिकन इसके लिए आम सहमति जरूरी होती है।

6 दिसंबर 2018: ममता ने भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी
प. बंगाल सरकार ने राज्य का माहौल बिगड़ने का हवाला देते हुए भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी। इस फैसले के खिलाफ भाजपा कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची। यहां सिंगल बेंच ने भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत दी, लेकिन डिवीजन बेंच ने इस फैसले को पलट दिया। इसके बाद भाजपा सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भाजपा रथ यात्रा के लिए रिवाइज्ड प्लान करे। अदालत ने ममता सरकार से कहा कि भाजपा को जनसभा और रैलियों की इजाजत दी जाए।

29 दिसंबर 2018: डेटा शेयरिंग से ममता का इनकार
ममता बनर्जी ने राज्य के सभी विभागों से कहा कि वे केंद्र के साथ डेटा शेयर ना करें। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य को नियंत्रित करने के लिए इस डेटा का इस्तेमाल कर रहा है और यह संघीय ढांचे में दखल है। ममता सरकार ने आयुष्मान भारत समेत केंद्र की कई योजनाएं भी प. बंगाल में लागू नहीं कीं।

योगी का हेलिकॉप्टर नहीं उतरने दिया
दक्षिणी दिनाजपुर जिले में रविवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यानाथ की गणतंत्र बचाओ रैली होनी थी। लेकिन, राज्य सरकार ने पूर्व सूचना के बगैर योगी के हेलिकॉप्टर उतारने की मंजूरी रद्द कर दी। इसके चलते सीएम योगी रैली में नहीं पहुंच पाए। इसके बाद उन्होंने फोन और ऑडियो लिंक के जरिए लोगों को संबोधित किया।

टकराव की वजह: भाजपा का प. बंगाल में 22 सीट जीतने का लक्ष्य

  • 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प. बंगाल की 42 सीटों में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
  • 2014 में भाजपा को यहां 2 सीटें मिली थीं और तब पार्टी का वोट शेयर 16.8% था।
  • 2016 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 3 सीटें जीतीं, वोट शेयर 10.2% था।
  • पिछले साल फरवरी में एक लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में भाजपा दूसरे नंबर की पार्टी बनी।
  • पंचायत चुनाव में भाजपा दूसरे नंबर की पार्टी बनी। टीएमसी ने 31,802 ग्राम पंचायत सीटों में से 20,848 सीटें जीतीं। भाजपा 5636 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही।
  • इसी महीने ठाकुर नगर में मोदी की सभा हुई। मोदी यहां मतुआ समुदाय की नेता वाणी देवी से मिले। यहां की पांच सीटों पर मतुआ समुदाय निर्णायक भूमिका में है।

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